यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पिथौरागढ़ में बादल फटा, 25 मिनट में हुई 36 एमएम बारिश
उत्तराखंड में मौसम के तीखे तेवर थमने का नाम नहीं ले रहे। कुमाऊं मंडल में ज्यादा आफत रही। पिथौरागढ़ में बादल फटने से शहर सहम गया। ...और पढ़ें

देहरादून, [जेनएनएन]: उत्तराखंड में मौसम के तीखे तेवर थमने का नाम नहीं ले रहे। कुमाऊं मंडल में ज्यादा आफत रही। पिथौरागढ़ में बादल फटने से शहर सहम गया। नाले उफान पर आ गए तो सैकड़ों घरों में पानी घुस गया। कई पेड़ भी धराशायी हो गए। बिजली और संचार सेवा ठप पड़ गई है। पिथौरागढ़ में ओलावृष्टि भी हुई। नैनीताल में करीब पांच घंटे तक हुई बारिश ने बाहर निकलना मुश्किल किए रखा। हल्द्वानी में पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
एक घर ढहने से मलबे की चपेट में आकर एक युवक घायल हो गया। भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन से अल्मोड़ा-सेरघाट- रामनगर व नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग बाधित हो गए। इधर, गढ़वाल में श्रीनगर में तूफान और बारिश मुसीबत बनकर टूटी। श्रीकोट-गंगनाली क्षेत्र में कई दुकानों में मलबा घुस गया। कई होर्डिंग भी हवा में उड़ गए। उधर, मौसम विभाग के मुताबिक कल भी उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज के साथ बौछारें पडऩे की संभावना है।
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पिथौरागढ़ शहर में आज शाम करीब चार बजे मौसम ने करवट बदली और आधे के घंटे के भीतर गरज और ओलों के साथ बारिश शुरू हुई। मौसम के इन तेवरों से लोग सहम गए। देखते ही देखते नगर के मध्य बहने वाले नाले उफान पर आ गए और सड़कों ने नालों का रूप धर लिया। सैकड़ों घरों में पानी व मलबा घुस गया। सड़क पर खड़ी बाइकें बहकर चिमिस्या नौला में चली गईं। हैंडपंप पानी में डूब गए। कई पेड़ धराशायी हो गए। पांडेय गांव पुल मलबे से पट गया, जबकि डॉट पुल पानी से लबालब था। विसडम स्कूल, पुलिस लाइन, जीआइसी लाइन में तो स्थिति बेकाबू हो गई।
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चिमिस्या नौला, जीआईसी रोड, पुलिस लाइन , टकाना , कुजौली, पांडेयगांव , घंटाकरण , नया बाजार , डाट पुल, ऐंचोली आदि स्थानों पर घरों में पानी व मलबा घुसने, रास्तों के मलबे से पट जाने से खासा नुकसान हुआ है। डाट पुल के पास जलभराव से कई मकान खतरे की जद में आ गए। ऐंचोली पुल के पास पेड़ गिरने से विद्युत और टेलीफोन लाइन ध्वस्त हो गई। नाले किनारे के दर्जनों परिवारों में अफरा तफरी मच गई। कुजौली नाले के ऊफान से क्षेत्र के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। पिथौरागढ़ में 25 मिनट में 36 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
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हल्द्वानी में तूफान और बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ गिरने से कार, आटो क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस चौकी काठगोदाम को भी क्षति पहुंची है। बनभूलपुरा मोहल्ले में मकान ढहने से मलबे की चपेट में आकर एक युवक घायल हो गया। भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन से नैनीताल-हल्द्वानी व नैनीताल- कालाढूंगी मार्ग बाधित हो गए। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग अभी भी बंद है। नैनीताल में भी करीब पांच घंटे तक चली मूसलधार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। यातायात थम गया तो विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पर्यटक कमरे में कैद होकर रह गए। कालाढूंगी रोड पर करीब ढाई बजे भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई। अलबत्ता, बारिश से झील के जलस्तर में सुधार आया है।
इधर, गढ़वाल मंडल में श्रीनगर में शाम के वक्त चले तूफान व बारिश ने मुसीबत खड़ी किए रखी। श्रीकोट-गंगनाली क्षेत्र में कई दुकानों में मलबा घुसा। तूफान से पेड़ उखड़े तो होर्डिंग हवा में उड़ गए। वहीं, पौड़ी में शाम को बारिश हुई, जबकि देहरादून समेत कुछ स्थानों में दिन के वक्त बूंदाबांदी।