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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो दिन के लिए उधारी पर हो गई जिंदगी

By gaurav kalaEdited By:
Published: Wed, 09 Nov 2016 01:24 PM (IST)Updated: Wed, 09 Nov 2016 01:29 PM (IST)

बैंक के साथ एटीएम भी बंद रहेंगे। लोग बाजार में इसी पर चर्चा करते रहे और यही कहते रहे कि अब दो दिन जिंदगी उधारी पर ही काटनी पड़ेगी।

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देहरादून, [जेएनएन]: दो दिन शायद आपकी जिंदगी उधार पर ही चलेगी। 500 और 1000 के नोट अचानक बंद होने की खबर पर रात से दूनवासी बाजार दौड़ पड़े। सभी को चिंता थी जरूरी चीजों की। मसलन, दूध, सब्जी, दवा, पेट्रोल आदि। दुकानदारों ने पांच सौ-हजार के नोट लेने से इन्कार कर दिया।
आमजन के पास 100-100 के नोट थे नहीं, सो खाली हाथ घर लौट आए। ऐसे में आखिर करते भी तो क्या...। बैंक के साथ एटीएम भी बंद रहेंगे। लोग बाजार में इसी पर चर्चा करते रहे और यही कहते रहे कि 'अब दो दिन जिंदगी उधारी पर ही काटनी पड़ेगी। दुकानदार से आग्रह करना पड़ेगा कि शुक्रवार को ही भुगतान करेंगे। जानकार हुआ तो मान जाएगा, वरना देखते हैं जो होगा।

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दुकानदारों ने मचाई 'लूट'
नोट बंद होने का फायदा कुछ दुकानदारों ने 'लूट' के रूप में उठाया। 500 रुपये का नोट सिर्फ उस सूरत में ले रहे थे, जब कम से कम 400 रुपये का सामान खरीदा जाए और बाकी 100 रुपये ग्राहक को नहीं लौटाने पड़ें। यानी आपके 500 रुपये 400 रुपये में चले।

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यात्रियों की फजीहत, पैदल पहुंचे घर
500 व 1000 के नोट बंद होने की सूचना मिलते ही ऑटो और विक्रम वालों ने लोगों से ये नोट लेने से इन्कार कर दिया। ऐसे में कई यात्री जिनके पास फुटकर रुपये नहीं थे, उन्हें पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। इसकी आड़ में कई ऑटो संचालकों ने यात्रियों से मोटा किराया भी वसूला।

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प्राइवेट बस आपरेटरों ने किया इन्कार
प्राइवेट बस आपरेटरों ने 500 और 1000 के नोट लेने से इन्कार किया है। सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने कहा कि उनकी बसों में अधिकतम किराया 25 रुपये है।
ऐसे में कंडक्टर कैसे खुले रुपये देगा। डाकपत्थर विकासनगर-देहरादून प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन के अध्यक्ष रामकुमार सैनी ने भी उनके रूट की बसों में बुधवार से 500 व 1000 के नोट नहीं चलने की बात कही।

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दून के व्यापारियों में उबाल
केंद्र सरकार के इस निर्णय से दून के व्यापारियों में भी उबाल है। दून उद्योग व्यापार मंडल ने इस मसले पर विचार के लिए गीता भवन मंदिर में एक बैठक बुलाई। मंडल के संरक्षक उमेश अग्रवाल ने बताया कि बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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