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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड के वीर सपूत ने बढ़ाया मान, ले. जनरल बिपिन रावत बने उप सेना प्रमुख

    By sunil negiEdited By:
    Updated: Fri, 02 Sep 2016 07:00 AM (IST)

    उत्तराखंड के वीर सपूत ले. जनरल बिपिन रावत को उप सेना प्रमुख बनाया गया है। इस पद पर पहुंचने से पहले भी वह कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। ...और पढ़ें

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    देहरादून, [जेएनएन]: सैन्य परंपरा वाले उत्तराखंड के वीर सपूत निरंतर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में ले. जनरल बिपिन रावत उप सेना प्रमुख बनाए गए हैं। इस पद पर पहुंचने से पहले भी वह कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। वह गुरुवार को उप सेनाध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण करेंगे।

    11वीं गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में जनवरी 1979 में ज्वाइन करने वाले ले. जनरल रावत का कॅरियर उपलब्धियां भरा रहा है। वे दिसंबर 1978 में भारतीय सैन्य अकादमी से पासआउट होने वाले बैच के श्रेष्ठतम कैडेट रहे और उन्हें स्वार्ड ऑफ ऑनर मिला। उनके पिता लक्ष्मण सिंह रावत भी सेना में अफसर थे और लेफ्टिनेंट जनरल के शीर्ष ओहदे तक पहुंचे थे। वर्तमान में सेना की दक्षिणी कमान के आर्मी कमांडर ले जनरल बिपिन रावत अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल व विशिष्ट सेवा मेडल जैसे कई सम्मान से अलंकृत किए गए हैं। कांगो में मल्टीनेशन ब्रिगेड की कमान संभालने के साथ ही वह यूएन मिशन में सेक्रेटरी जनरल व फोर्स कमांडर भी रह चुके हैं।

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    इंदौर के अहिल्या बाई होल्कर विश्वविद्यालय से एमफिल करने वाले जनरल रावत ने मिलिट्री मीडिया स्टे्रटेजिक स्टडीज में पीएचडी कर चुके हैं। मूलत: पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले जनरल रावत का परिवार पहले रुड़की में रहता था, लेकिन अब नोएडा शिफ्ट हो गए हैं। इससे पहले जनरल विपिन चंद्र जोशी थल सेनाध्यक्ष, जबकि एडमिरल बीके जोशी नौसेना प्रमुख के पद तक पहुंचे थे।

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