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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गजब: सूखी गूल में बहे पांच लाख रुपये

By sunil negiEdited By:
Updated: Fri, 11 Mar 2016 10:52 AM (IST)

नवाबगढ़ खादर क्षेत्र में इन दिनों नहर में पानी की जगह रुपये बह रहे हैं। यह कोई किस्सा-कहानी नहीं, बल्कि 'सरकारी सच' है। लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी खुद यह रुपये बहते देख रहे हैं। करीब पांच लाख रुपये इसमें बह चुके हैं।

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राकेश खत्री, विकासनगर। नवाबगढ़ खादर क्षेत्र में इन दिनों नहर में पानी की जगह रुपये बह रहे हैं। यह कोई किस्सा-कहानी नहीं, बल्कि 'सरकारी सच' है। लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी खुद यह रुपये बहते देख रहे हैं। करीब पांच लाख रुपये इसमें बह चुके हैं। मामला प्रकाश में आने के बाद विभाग के उच्चाधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
नवाबगढ़ पंचायत में काश्तकारों को सिंचाई सुविधा देने के लिए लघु सिंचाई विभाग ने पिछले वर्ष दो सौ मीटर गूल का निर्माण किया था। इस गूल के निर्माण में ढाई लाख रुपये खर्च किए गए। पुरानी गूल को बने हुए मात्र एक वर्ष ही हुआ था कि अब उसे तोड़ा भी जाने लगा है, जबकि, वह कहीं से भी क्षतिग्रस्त नहीं हुई थी।

तर्क दिया जा रहा है कि सर्वे गलत होने के कारण गूल में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी, इसलिए इस गूल को बंद कर नई गूल बनाई जा रही है। इसका बजट भी ढाई लाख रुपये रखा गया है।
इधर, अच्छी खासी गूल को तोड़ने पर लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नीयत पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर लाखों की लागत से बनी पुरानी गूल के सर्वे को जिम्मेदार कौन है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता लघु ङ्क्षसचाई संजय भाष्कर ने कहा कि संबंधित एसडीओ से मामले की जानकारी ली जाएगी।

पता लगाया जाएगा कि पहले बनी गूल को तोड़कर दोबारा गूल बनाने का कारण क्या है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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