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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सामान को वापस करने की सूची से एनडी तिवारी आहत

    By BhanuEdited By:
    Updated: Sat, 05 Nov 2016 04:00 AM (IST)

    पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के दून स्थित आवास में सरकार की ओर से साबुन पियर्स, हैंड वॉश सहित उपलब्ध कराए गए हर छोटे-बड़े सामान की सूची पहुंची तो वहा ...और पढ़ें

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    देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: वयोवृद्ध नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के दून स्थित आवास अनंत वन में सरकार की ओर से साबुन पियर्स, हैंड वॉश, तौलिये से लेकर उपलब्ध कराए गए हर छोटे-बड़े सामान की सूची पहुंची तो वहां केयरटेकर स्टॉफ दंग रह गया।
    गौरतलब है कि राज्य संपत्ति महकमे की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री को सरकारी आवास छोडऩे के लिए दो माह का नोटिस दिया गया है। इस कड़ी में इस सूची के पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री समेत उनके परिजन सकते में आ गए।

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    हालांकि, राज्य संपत्ति महकमे ने ऐसी किसी भी सूची जारी करने से इन्कार किया है। उधर, इस सूची जारी करने को एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर ने शरारत करार दिया है।
    प्रदेश में अदालत के आदेश के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास छोडऩे के लिए दो माह की मोहलत दी गई है। उन्हें 16 दिसंबर तक सरकारी आवास छोड़ना होगा। 91 वर्षीय बुजुर्ग नेता एनडी तिवारी ने मुख्यमंत्री रहते हुए एफआरआइ परिसर स्थित यह आवास पर खुद के नाम आवंटित किया था।
    इसे उन्होंने 'अनंत वन' नाम भी दिया। एनडी तिवारी के पास लखनऊ और दिल्ली में भी सरकारी आवास हैं। इन दिनों वह दिल्ली प्रवास पर हैं। अनंत वन में तैनात होमगार्ड को कुछ लोग उक्त सूची सौंपकर चले गए।

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    इस सूची में मुख्यमंत्री रहते हुए शासन की ओर से उपलब्ध कराई गईं तमाम छोटी से बड़ी सामग्री का जिक्र है। 170 नगों की इस सूची में साबुन, तौलिये, हैंडवॉश, बाल्टी, प्रेशर कुकर, डबल बैड बॉक्स, स्टील की आलमारी, कई कारपेट, डबल बैड कवर, किचन सामग्री, टीवी प्लाज्मा, चार-पांच एलसीडी टीवी समेत कई सामान दर्ज है।
    सूची की जानकारी आवास पर मौजूद स्टाफ ने पूर्व मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी और उनके पुत्र रोहित शेखर को दी। इस सूची में किसी भी जिम्मेदारी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं।
    एनडी तिवारी और रोहित शेखर इससे खासे खफा हुए। हालांकि, राज्य संपत्ति महकमे की ओर से ऐसी किसी सूची से ही इन्कार किया गया है। अपर सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि ऐसी कोई सूची जारी नहीं की गई है।
    उधर, संपर्क करने पर रोहित शेखर ने इस मामले को शरारतपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पिताजी भी इससे आहत हुए, लेकिन उन्होंने चिंतामुक्त रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने की उनकी तैयारी को देखते हुए इसतरह की शरारत की जा रही है, लेकिन वह अपने लक्ष्य के लिए अडिग हैं।

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