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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बजट से छेड़छाड़ की तो होगा उत्तराखंड का अपमानः हरीश रावत

By BhanuEdited By:
Updated: Tue, 29 Mar 2016 12:26 PM (IST)

उत्तराखंड के बजट पारित होने के मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान के बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उत्तराखंड के बजट को खारिज करने का प्रयास किया गया तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे।

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देहरादून। उत्तराखंड के बजट पारित होने के मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान के बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उत्तराखंड के बजट को खारिज करने का प्रयास किया गया तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे। उन्होंने केंद्र के इस तरह के प्रयासों के खिलाफ चौबीस घंटे के उपवास का ऐलान किया है।
पत्रकार वार्ता में हरीश रावत खासे तल्ख नजर आए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का बजट जन आकांक्षाओं का दस्तावेज है। यह तर्क आधारित और विधि विधान सम्मत है कि राज्य का बजट निर्वाचित विधानसभा से पारित हुआ है। यह विधानसभा का अधिकार भी है। जब यह बजट पारित हुआ तब विधानसभा अस्तित्व में थी और आज भी अस्तित्व में है। ऐसे में यदि बजट को रद किया गया तो यह उत्तराखंड की जनता, विधानसभा, सदस्यों, विधायी परंपरा का अपमान होगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की गरीब जनता, किसान, युवा, महिला के इस दस्तावेज से यदि खिलवाड़ किया गया तो उन्हें उपवास के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि संदसीय परंपरा के अनुरूप किए गए कार्यों को जिस तरह केंद्र खारिज कर रहा है और सुनियोजित रणनीति के तहत उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन थोपा गया, उसका कांग्रेस पूरी ताकत के साथ मुकाबला करेगी। कांग्रेस ने संविधानिक परंपराओं के अनुरूप कार्य किया है, जबकि केंद्र सरकार संविधान की धज्जियां उड़ा रही है।
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