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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भूस्खलन के भय से चलचला के लोगों ने खाली किया गांव

    By BhanuEdited By:
    Updated: Wed, 09 Aug 2017 08:31 PM (IST)

    बारिश और भूस्खलन से पहाड़ की दुश्वारियां बढ़ती ही जा रही हैं। मसूरी के पास चलचला गांव वीरान हो गया। भूस्खलन के चलते गांव के लोग यहां से पलायन कर रहे ह ...और पढ़ें

    भूस्खलन के भय से चलचला के लोगों ने खाली किया गांव
    भूस्खलन के भय से चलचला के लोगों ने खाली किया गांव

    देहरादून, [जेएनएन]: बारिश और भूस्खलन से पहाड़ की दुश्वारियां बढ़ती ही जा रही हैं। मूसरी के पास रविवार रात सक्रिय भूस्खलन के कारण पूरा गांव खाली हो गया है। वहीं, बदरीनाथ के पास लामबगड़ में गिर रहा मलबा सेना के लिए भी चुनौती बन रहा है। सेना के लिए रसद और अन्य सामाग्री लेकर जवान भूस्खलन क्षेत्र को पैदल ही पार कर रहे हैं। रविवार से बंद लामबगड़ तीसरे दिन भी नहीं खोला जा सका। हालांकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही सुचारु रही। उधर, लगातार बारिश से नदियां भी उफान पर हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा चेतावनी रेखा के आसपास बह रही है। जबकि गढ़वाल में मंदाकिनी, नंदाकिनी, अलकनंदा और भागीरथी के अलावा कुमाऊं में गोरी, काली, सरयू और शारदा भी उफान पर हैं।

    मंगलवार को मसूरी के पास चलचला गांव वीरान हो गया। ग्राम प्रधान ममता जोशी ने बताया कि रविवार रात गांव के ऊपर वाली पहाड़ी से भूस्खलन होना शुरू हुआ। पहाड़ी पर दरार आ चुकी है। इसका मलबा सीधा गांव में गिर रहा है। गांव की आबादी 125 है।  उन्होंने बताया कि दहशतजदा ग्रामीणों ने सोमवार से ही घर छोड़ रिश्तेदारों के घर जाना शुरू कर दिया था। जोशी का आरोप है कि इसकी सूचना प्रशासन को भी दी गई, लेकिन किसी ने गांव की सुध नहीं ली। मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक गणेश जोशी मौके का जायजा लिया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। देहरादून के जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि प्रशासन की एक टीम मौके के मुआयने के लिए भेजी गई है। फिलहाल वहां किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। रिपोर्ट मिलने पर ही कुछ कहा जा सकेगा।

    दूसरी ओर तीन दिन से लामबगड़ में बंद बदरीनाथ हाईवे पर लोग पैदल ही स्लाइडिंग जोन को पार करने लगे हैं। इसके बाद ही वे वाहनों के जरिये अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। प्रशासन के अनुसार बदरीनाथ से 150 से ज्यादा यात्री निकल चुके हैं। जबकि मंगलवार को करीब 427 यात्री वहां गए।

    कुमाऊं में भी भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। पिथौरागढ़ जिले में मलबा आने से टनकपुर-तवाघाट हाईवे 22 घंटे बंद रहा। इससे हल्द्वानी, टनकपुर, पिथौरागढ़ और  अल्मोड़ा जा रहे वाहन वहां फंस गए। यात्रियों ने वाहनों में ही रात गुजारी। मंगलवार दोपहर मार्ग पर यातायात बहाल हो पाया।

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    प्रदेश में आज से भारी बारिश

    देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में बुधवार से कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। उन्होंने बताया कि इसे लेकर चेतावनी भी जारी की जा चुकी है। विशेषकर पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में विशेष सतर्कता की जरूरत है। मौसम का यह मिजाज अगले 72 घंटे ऐसा ही बना रहेगा। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि 11 व 12 अगस्त को पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सजग रहें।

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