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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गेस्ट टीचरों के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन

By sunil negiEdited By:
Published: Mon, 14 Nov 2016 11:46 PM (IST)Updated: Tue, 15 Nov 2016 05:05 AM (IST)

हरीश रावत कैबिनेट ने गेस्ट टीचर को समायोजित करने को शॉर्ट सर्विस कमीशन बनाने पर मुहर लगाई। साथ ही उपनल ...और पढ़ें

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देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: हरीश रावत कैबिनेट ने उपनल कर्मियों को संविदा में रखने की प्रक्रिया तय करने को मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई है तो गेस्ट टीचर को समायोजित करने को शॉर्ट सर्विस कमीशन बनाने पर मुहर लगाई। उप खनिजों के चुगान और स्टोन क्रशर, हॉटमिक्स प्लांट की अनुमति की नीति को अधिक उदार बनाया गया है। सोप स्टोन यानी खड़िया की रायल्टी की दरें कम करने को मंजूरी दी गई। गैरसैंण में आगामी विधानसभा सत्र में कुछ छह विधेयकों के मसौदों को हरी झंडी दिखाई गई। करीब 1500 करोड़ के अनुपूरक विनियोग विधेयक के मसौदे को स्वीकृति दी।

सचिवालय में सोमवार देर रात्रि चली हरीश रावत कैबिनेट ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गैरसैंण एजेंडे पर कदम बढ़ाए तो अस्थाई रूप से कार्यरत शिक्षकों, उपनल कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला स्वयंसहायता समूहों, खिलाड़ियों और किसानों समेत तमाम वर्गों के लिए लुभावने फैसले लिए। विधानसभा सत्र आहूत होने के कारण कैबिनेट फैसलों की नियमित ब्रीफिंग नही की गई। सूत्रों के मुताबिक उपनल कर्मियों को संविदा पर रखने की प्रक्रिया तय करने को काबीना मंत्री प्रीतम सिंह व नवप्रभात की समिति गठित की गई है।

सैनिक कल्याण सचिव व कार्मिक सचिव समिति को सहायता करेंगे। समिति उपनल कर्मियों से हुए समझौते पर विचार करते हुए अपनी सिफारिश देगी। वहीं गेस्ट टीचर के मामले में हाईकोर्ट के आदेशों के मद्देनजर कार्यवाही को तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति गठित की गई है। समिति में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, नवप्रभात और प्रीतम सिंह शामिल हैं।

कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी और किसानों की तमाम समस्याओं के निदान के लिए सरकार उत्तराखंड किसान आयोग का गठन करेगी। इससे संबंधित विधेयक आगामी गैरसैंण विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात गैर सरकारी सदस्य होंगे। राज्य में अब विधायक निधि से सरकारी शिक्षण संस्थाओं के लिए बसों की खरीद की जा सकेगी। पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों को लीज पर भूमि लेने के लिए सरकार ने एक लाख का अनुदान देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है। एक महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने राज्य में शिक्षण संस्थाओं के लिए विधायक निधि से बसों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। पहले प्रस्ताव गैरसैंण महाविद्यालय में बसों की खरीद का लाया गया, मगर बाद में इसे सभी शिक्षण संस्थाओं पर लागू करने का निर्णय लिया गया।

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राज्य में पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन के क्रम में सरकार ने इन्हें सरकारी, ग्राम पंचायत या निजी भूमि खरीदने के लिए एक लाख की धनराशि अनुदान के रूप में देने का निर्णय लिया। कैबिनेट ने विशेष एकीकृत औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2008 के प्रावधानों में संशोधन कर दिया। इसके मुताबिक वर्गीकृत श्रेणी ए, बी के जिलों के क्षेत्रों में किसी औद्योगिक उपयोग के लिए ली गई भूमि का उपयोग न हो पाने की स्थिति में खरीददार को स्वयं औद्योगिक आस्थान विकसित करने की अनुमति होगी।

अन्य उद्यमियों को भी आस्थान में भूमि खरीद पर स्टांप शुल्क में छूट मिल सकेगी। अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम 1974 में संशोधन पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसके लिए अदालत में पेश होने वाले वकालतनामों पर अब 10 रुपये के बजाए 20 रुपये के स्टांप लगेंगे। अतिरिक्त धनराशि अधिवक्ताओं के कल्याण कोष में जमा होगी।

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देहरादून की विकासनगर तहसील के अंतर्गत कोल्हूपानी में रक्षा मंत्रालय को पांच एकड़ भूमि दिए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया। रिवर डेवलेपमेंट एक्ट को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इसे अब आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। उत्तराखंड पशु चिकित्सा फार्मेसी सेवा संशोधन नियमावली पर भी मंत्रिमंडल की बैठक में मुहर लगाई गई। इसके अलावा मोबाइल स्टोन क्रशर स्क्रीनिंग प्लांट अनुज्ञा नीति 2015 में संशोधन कर इसका दायरा बढ़ा दिया गया।

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अब इसका नाम उत्तराखंड स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, मोबाइल स्टोन क्रशर, मोबाइल स्क्रीनिंग प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट और रेडी मिक्स प्लांट अनुज्ञा नीति 2016 कर दिया गया है। इसी तरह उत्तराखंड गौण खनिज नीति 2015 एवं उत्तराखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियमावली 2005 को संशोधित कर दिया गया। कैबिनेट ने उत्तराखंड परिवहन और नागरिक अवस्थापना अधिनियम में संशोधन करते हुए इसे उत्तराखंड परिवहन और नागरिक अवस्थापना उपकर संशोधन विधेयक के रूप में आगामी विधानसभा सत्र में लाए जाने को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी।

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स्टोन क्रशर की नई नीति में अब ऐसे उद्यम लगाने वालों को प्रदूषण की रोकथाम पर ज्यादा ध्यान देना होगा। उन्हें नई उपकरणों के साथ ही मशीनों को कवर शेड में रखना होगा, ताकि डस्ट, ध्वनि और वायु प्रदूषण पर अंकुश लगे।
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