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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शुगर मिल में गन्ना पर्ची की गड़बड़ी का मामला, विशेष जांच दल करेगा जांच

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Wed, 16 Aug 2017 09:51 PM (IST)

सीएम त्रिवेंद्र रावत ने डोईवाला शुगर मिल में गन्ना पर्ची में गड़बड़ी के मामले में एक बड़ा फैसला लिया है। सीएम ने आदेश दिया है कि विशेष जांच दल से इस मामले की जांच कराई जाए।

शुगर मिल में गन्ना पर्ची की गड़बड़ी का मामला, विशेष जांच दल करेगा जांच
शुगर मिल में गन्ना पर्ची की गड़बड़ी का मामला, विशेष जांच दल करेगा जांच

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डोईवाला शुगर मिल में गन्ना पर्ची में गड़बड़ी के मामले में विशेष जांच दल से जांच कराने आदेश दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।

डोईवाला शुगर मिल में पेराई सत्र 2016-17 में शीघ्र प्रजाति के गन्ने की पर्चियां गुम हो गई थी। इसके कुछ समय बाद मिल के गन्ना क्रय केंद्र धनोरी, जस्सोवाला व तुंतोवाला के संबंधित किसानों ने ये पर्चियां उपलब्ध कराई और शासन से भी इसकी शिकायत की। तब 

यह बात सामने आई कि जो गन्ना पर्चियां चोरी हुई थी उनके जरिये गन्ना आपूर्ति कराई गई। यह बात भी सामने आई कि इस गन्ना क्रय केंद्र पर टोल लिपिक सीजनल हरबीर सिंह तैनात थे। इस पर विभाग ने गन्ना लेखाकार, जिनके पास यह गन्ना पर्चियां पकड़ी गई थी, रमेश कुमार व हरबीर सिंह को निलंबित कर दिया। 

हरबीर के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई गई। शासन ने इस प्रकरण में जीएम शुगर फेडरेशन को जांच अधिकारी नामित किया था। जांच अधिकारी ने अपनी यह रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच में यह बात सामने आई है कि टोल लिपिक को हर 15 दिन में बदलने का प्रावधान है। इस प्रकरण पर टोल लिपिक की ड्यूटी निर्धारित समय पर नहीं बदली गई। 

इस मामले में अन्य विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस पूरी मामले की जांच पुलिस की एसआइटी से कराने के आदेश जारी किए हैं। 

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