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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों की डीएलएड को ना

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Sun, 01 Oct 2017 08:55 PM (IST)

    सरकारी स्कूलों में कार्यरत विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों ने सर्वसम्मति से डीएलएड के लिए पंजीकरण नहीं कराने का निर्णय लिया। ...और पढ़ें

    विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों की डीएलएड को ना
    विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों की डीएलएड को ना

    देहरादून, [जेएनएन]: सरकारी स्कूलों में कार्यरत विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों ने डीएलएड के लिए ना कह दी है। उनका कहना है कि सभी अध्यापक प्रशिक्षित व नियम अर्हता पूरी करते हैं। शासन के पूर्व के नियमों के तहत ही उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया। ऐसे में वह डीएलएड के लिए पंजीकरण नहीं करेंगे।

    शनिवार को शिक्षकों की रेसकोर्स स्थित शिक्षक भवन में बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से डीएलएड के लिए पंजीकरण नहीं कराने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के बेसिक स्कूलों में कार्यरत विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त बीपीएड, डीपीएड व सीपीएड योग्यताधारी शिक्षकों को डीएलएड से मुक्त रखे जाने की मांग सरकार से की गई। लेकिन अभी तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया है। 

    पूर्व में शिक्षा विभाग ने बीपीएड, डीपीएड, सीपीएड प्रशिक्षणधारी युवाओं को विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण देकर राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी। उन्होंने कहा कि पूर्व में विशिष्ट बीटीसी को विशेष रूप से बनाया गया था और इसे एनसीटीई ने मान्यता भी प्रदान कर दी थी। अब उनके अप्रशिक्षित होने का आदेश शिक्षकों के साथ अन्याय है। इस दौरान वीरेंद्र प्रसाद, राजेंद्र सिंह चौहान, विनोद रावत, संजय रावत, वीरेंद्र सिंह, चंद्रमोहन सिंह, माता प्रसाद, संजीव गुसाईं आदि उपस्थित रहे।

     

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