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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड के जंगलों की आग बुझाने को ली जाएगी नासा की मदद

By BhanuEdited By:
Published: Wed, 22 Feb 2017 11:14 AM (IST)Updated: Thu, 23 Feb 2017 06:30 AM (IST)

उत्तराखंड में पिछले साल जंगलों में भड़की भीषण आग से वन महकमे ने इस मर्तबा सबक लिया है। जंगलों की ...और पढ़ें

उत्तराखंड के जंगलों की आग बुझाने को ली जाएगी नासा की मदद
उत्तराखंड के जंगलों की आग बुझाने को ली जाएगी नासा की मदद

देहरादून, [केदार दत्त]: 71 फीसद वन भूभाग वाले उत्तराखंड में पिछले साल जंगलों में भड़की भीषण आग से वन महकमे ने इस मर्तबा सबक लिया है। इसके लिए उसने सूचना एवं तकनीकी का भरपूर उपयोग करने की ठानी है। जंगलों की आग बुझाने में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की मदद ली जाएगी।

नासा के उपग्रह से मिलने वाले चित्रों के जरिये वे स्थल चिह्नित किए जाएंगे, जहां आग लगी है। फिर तत्काल ही इस सिलसिले में संबंधित वन प्रभागों के डीएफओ से लेकर बीट स्तर तक वन रक्षकों को एसएमएस से जानकारी दी जाएगी। ताकि, आग पर नियंत्रण को जुट सकें।

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दरअसल, पिछले साल जंगलों को आग से सर्वाधिक नुकसान हुआ था। जंगल की आग खेत-खलिहानों से लेकर गांव-घरों की देहरी तक पहुंच गई और वन विभाग इस पर काबू पाने में बेबस नजर आया। हालात बिगड़े तो आग बुझाने में सेना की मदद लेनी पड़ी।

सरकारी आंकड़े ही देखें तो आग बुझाते वक्त छह लोगों को जान गंवानी पड़ी, जबकि 31 लोग झुलस गए थे। स्थिति ये रही कि मानसून के आगमन के बाद ही जंगलों की आग बुझ पाई थी।

आग से पर्यावरण के साथ ही वन एवं वन संपदा को पहुंचे नुकसान से सबक लेते हुए उत्तराखंड वन महकमे ने आग पर काबू पाने के लिए जमीनी कदम उठाने के साथ ही इसमें सूचना-तकनीकी का भी समावेश किया है।

राज्य के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक आरके महाजन के अनुसार अब तक विभाग की ओर से भारतीय वन सर्वेक्षण से मिलने वाली सूचना के आधार पर कार्मिकों को अलर्ट भेजा जाता था। इस बार इसके लिए नासा की मदद भी ली जाएगी।

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महाजन ने बताया कि नासा के उपग्रह से मिलने वाले चित्र वैसे तो नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद के भुवन पोर्टल के जरिये मिलते हैं। लेकिन, इस मर्तबा विभाग सीधे भी नासा के उपग्रह से मिलने वाले चित्रों के जरिये उन स्थलों को चिह्नित करेगा, जहां आग लगी है।

फिर तुरंत ही इसकी जानकारी संबंधित डीएफओ के साथ ही बीट स्तर पर वन रक्षकों को भी दी जाएगी। इससे आग बुझाने के उपाय तुरंत हो सकेंगे। इस क्रम में कसरत शुरू कर दी गई है।

सूबे में जंगल की आग

वर्ष----------------------क्षेत्र (हेक्टेयर में)

2005--------3652.00

2006--------562.44

2007--------1595.35

2008--------2369.00

2009--------4115.50

2010--------1611.00

2011--------232.00

2012--------2823.89

2013--------384.05

2014--------930.33

2015--------4292.35

2016--------4433.73

2017----------------------2.00(अब तक)

2016 में हुई क्षति

-2074 आग की कुल घटनाएं

-4433.75 हेक्टेयर जंगल झुलसा

-46.50 लाख की क्षति का आकलन

-06 लोगों की आग बुझाने के दौरान मौत

-31 लोग इस दरम्यान झुलसे

-07 मवेशियों की मौत

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