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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विस चुनाव से पहले उत्‍तराखंड सरकार ने लागू किया सातवां वेतनमान

    By Gaurav KalaEdited By:
    Updated: Thu, 05 Jan 2017 07:10 AM (IST)

    चुनाव के ऐन मौके पर राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को सातवें वेतन का तोहफा थमा दिया। बीते रोज सातवां वेतन देने के बाद इस संबंध में शासन ने आदेश जारी ...और पढ़ें

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    देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड सरकार ने चुनाव के ऐन मौके पर राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को सातवें वेतन का तोहफा थमा दिया। बीते रोज सातवां वेतन देने के संकल्प को जारी करने के बाद इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिए गए।

    सरकार ने सार्वजनिक निगमों-उपक्रमों के कार्मिकों को भी नया वेतन देने के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग को आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद निगमों-उपक्रमों के बोर्ड नया वेतन देने पर फैसला लेने को स्वतंत्र हो गए हैं। सरकार के इस फैसले से ढाई लाख से अधिक कार्मिकों और पेंशनर्स को फायदा होगा।

    नए वेतनमान लागू होने से चतुर्थ श्रेणी स्तर पर न्यूनतम वेतनमान 18000 रुपये और 80 हजारी वेतनमान वाले को 2.25 लाख और 90 हजारी को 2.50 लाख वेतन मिलेगा। मंत्रिमंडल ने बीती 17 दिसंबर को राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को सातवां वेतनमान देने का फैसला लिया था। इस फैसले के मुताबिक नया वेतनमान एक जनवरी, 2017 से देय है।

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    इस संबंध में वित्त सचिव अमित नेगी ने आदेश जारी कर दिए। इस आदेश से राज्य के 1.60 लाख राजकीय कर्मचारियों और 50 हजार से अधिक पेंशनर्स को लाभ होगा। साथ ही सरकार ने निगमों-उपक्रमों के लिए भी आदेश जारी किया है। निगम बोर्ड की ओर से उक्त आदेश लागू किए जाने की स्थिति में नए वेतनमान पाने वालों का दायरा ढाई लाख से अधिक हो जाएगा।

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    शासन ने राजकीय सेवाओं और सहायताप्राप्त शिक्षण, प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के कार्मिकों और पेंशनर्स के लिए आदेश जारी किए हैं। नए वेतनमान लागू होने के बाद प्रत्येक लाभान्वित होने वाले कार्मिक के कुल वेतन में तकरीबन 15 फीसद तक इजाफा हुआ है।

    एक जुलाई, 2016 से देय दो फीसद महंगाई भत्ते को जोड़ा जाए तो यह वृद्धि तकरीबन 17 फीसद तक पहुंच रही है। नया वेतनमान लागू होने से प्रत्येक कर्मचारी के मूल वेतन में तकरीबन 2.57 गुणा की वृद्धि हो गई है।

    हालांकि, इस सूरतेहाल में 125 फीसद महंगाई भत्ता शून्य हो गया है। इससे राज्य के सरकारी खजाने पर प्रति माह 200 से 300 करोड़ का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। उक्त कार्मिकों को नए वेतनमान के एरियर के रूप में तकरीबन डेढ़ हजार करोड़ की राशि देनी होगी। इसके लिए अलग से शासनादेश जारी किया जाएगा।

    यह धनराशि किश्तों में देने के बारे में आने वाले समय में फैसला लिया जाएगा। राज्य के पेंशनरों, पारिवारिक पेंशनरों को पेंशन, ग्रेच्युटी, पेंशन राशिकरण, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाएं केंद्र सरकार के पेंशनरों के समान ही मिलेंगी।

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    सातवें वेतनमान मैट्रिक्स में कुछ यूं बढ़ जाएगी तनख्वाह:

    5200-20200 वेतनमान

    1800 ग्रेड वेतन-18000

    1900 ग्रेड वेतन-19900

    2000 ग्रेड वेतन-21700

    2400 ग्रेड वेतन-25500

    2800 ग्रेड वेतन-29200

    9300-34800 वेतनमान

    4200 ग्रेड वेतन-35400

    4600 ग्रेड वेतन-44900

    4800 ग्रेड वेतन-47600

    5400 ग्रेड वेतन-53100

    15600-39100 वेतनमान:

    5400 ग्रेड वेतन-56100

    6600 ग्रेड वेतन-67700

    7600 ग्रेड वेतन-78800

    37400-67000 वेतनमान:

    8700 ग्रेड वेतन-118500

    8900 ग्रेड वेतन-131100

    10000 ग्रेड वेतन-144200

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    नया वेतन मैट्रिक्स निम्न कार्मिकों पर लागू नहीं होगी:

    -न्यायिक सेवा के अधिकारी

    -स्नातक, स्नातकोत्तर कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, विभिन्न इंजीनियङ्क्षरग कॉलेजों एवं कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षक

    -कार्यप्रभारित कार्मिक

    -स्वशासी संस्थाओं के कार्मिक

    -जूनियर डॉक्टर्स

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