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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस-पीडीएफ विधायकों को धमका रही भाजपा: रावत

By sunil negiEdited By:
Published: Sun, 24 Apr 2016 10:14 AM (IST)Updated: Mon, 25 Apr 2016 08:30 AM (IST)

निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी को एक बार फिर निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ...और पढ़ें

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देहरादून। निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी को एक बार फिर निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार बनाने को बेताब भाजपा अब कांग्रेस व पीडीएफ के विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए धमकाने का काम कर रही है। जिस प्रकार भाजपा सुनियोजित तरीके से प्रदेश में राजनीतिक वैमनस्यता बढ़ाने का कार्य कर रही है, उससे कांग्रेस व पीडीएफ के विधायकों की सुरक्षा बढ़ाना आवश्यक हो गया है। वह राज्यपाल से विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध करेंगे। भाजपा के दल-बदल के कुत्सित प्रयास के खिलाफ 25 अप्रैल को दक्ष मंदिर हरिद्वार से हर की पैड़ी तक पैदल यात्रा करेंगे।

बीजापुर स्थित राज्य अतिथि गृह में पत्रकारों से बातचीत में निवर्तमान मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेताओं के आचरण से प्रतीत होता है कि उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस और उनके खिलाफ अघोषित युद्ध छेड़ दिया है। आलम यह है कि विधायकों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी जा रही है।

व्यक्तिगत संबंधों की आड़ पर धमकाया जा रहा है। इससे ऐसा लगाता है कि न्याय मांगना व न्याय देना भाजपा की नजर में अपराध है। यह सिद्ध करने का प्रयास हो रहा है कि भाजपा सत्ताधारी दल है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं से लेकर विभिन्न मामलों में राज्यपाल उचित कदम उठाएंगे। जन उपयोग की जो सुविधाएं हैं उसे सभी को समान रूप से उपयोग करने का अवसर देगे। ऐसी बात सामने आ रही है कि सभी को पूरा अवसर नहीं मिल पा रहा है।

25 मिनट भी मिलें तो लेंगे 25 फैसले
निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा उनके फैसलों पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि खुली अदालत में सरकार बहाल की गई। इस आधार पर उन्होंने जनहित के निर्णय लिए। भाजपा बताए कि उन्हें किस निर्णय से आपत्ति है। उन्होंने कहा कि उन्हें अफसोस इस बात कहा है कि वे और अधिक जनहित के निर्णय नहीं ले पाए। अब यदि उन्हें 25 मिनट भी मिलते हैं तो वे 25 निर्णय लेंगे। भाजपा यदि कोर्ट के आर्डर की बात करती है तो पहले उसे यह बताना चाहिए कि बिना आर्डर के आखिर वे किस बात पर सुप्रीम कोर्ट गए।

भाजपा बताए बहुमत कहां है
निवर्तमान मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हर तरीके से सरकार बनाने पर तुली है। बहुमत का दावा किया जा रहा है। भाजपा बताए तो सही कि आखिर उनके पास बहुमत कैसे है। किस गणित के आधार पर वे ऐसी बात कह रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से भाजपा को ज्यादा नुकसान
निवर्तमान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट के निर्णय से उन्हें थोड़ा नुकसान हुआ है लेकिन बड़ा झटका भाजपा को लगा है। उन्होंने कहा कि उनका तो केवल मुख्यमंत्री पद पर बैठने से रोका गया है लेकिन केंद्र को स्पष्ट किया है कि वह राष्ट्रपति शासन हटाने का प्रयास न करे। इससे भाजपा की राष्ट्रपति शासन हटाकर सरकार बनाने का दावा करने के मंसूबों को झटका लगा है।

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