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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाति विशेष के नाम पर नहीं होना चाहिए आरक्षण : शंकराचार्य

By sunil negiEdited By:
Updated: Sun, 17 Apr 2016 04:34 PM (IST)

ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जाति विशेष के नाम पर आरक्षण नहीं होना चाहिए।

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हरिद्वार। ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जाति विशेष के नाम पर आरक्षण नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राहुल गांधी के बाद आज बसपा सुप्रीमों व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती उनके निशाने पर रहीं। उन्होंने कहा कि मायावती के भीम को तो अब नरेन्द्र मोदी ने छीन लिया है, तो वह अब बौखलाएंगी ही। जब तक वह दलितों को साथ लेकर चल रही थी, तब तक वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाई थी, लेकिन जब उन्होंने ब्राह्माणों को साथ लिया तो वह पूर्ण बहुमत से मुख्यमंत्री बनी। इसलिए हम सभी को भी एक समाज को साथ लेकर चलना चाहिए। यह बात उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही।

आज शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उत्तराखंड में शराब ही नहीं, सभी तरह के नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। क्योंकि नशे की लत में पढ़कर युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। आज स्कूलों के सामनें ही नशे की पुडिया बिक रही हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यदि इस ओर ध्यान दिया जाए तो युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आरएसएस व भाजपा भगवान राम को आदर्श मनुष्य मानती है, जबकि भगवान राम हमारे आराध्य हैं। उन्हें मनुष्य कहना गलत है। जनता के सहयोग से इस बार राम मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बसपा सुप्रीमों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के लिए मायावती को दलितों के साथ ही ब्राह्माणों का साथ लेना पड़ा था। इसलिए यदि दलित समाज तरक्की करना चाहता है तो उसे भी ब्राह्माणों का साथ लेना होगा। उन्होंने कहा कि जाति विशेष के नाम पर आरक्षण खत्म होना चाहिए।
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