यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पत्नी के हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
हल्द्वानी में अपनी पत्नी की निर्मम हत्या करने वाले व्यक्ति को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

हल्द्वानी, [जेएनएन]: एक साल पहले पत्नी की हत्या करने वाले व्यक्ति को कोर्ट ने आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई हल्द्वानी स्थित अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) नितिन शर्मा की अदालत में हुई।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना फरवरी 2015 की है। ग्राम नंदपुर लामाचौड़ स्थित रामकृष्ण धाम मंदिर मे बने भवन मे प्रमोद कुमार ऊर्फ पुरुषोलाम पत्नी शीला व दो बच्चों के साथ किराए पर रहता था। मूल रूप से फरीदपुर बरेली निवासी प्रमोद का विवाह 2009 में हुआ था और वह यहां आकर राजमिस्त्री का काम करने लगा था। आठ फरवरी को प्रमोद कमरे मे ताला लगाकर दोनो बच्चो को साथ लेकर निकल गया।
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उसे जाते हुए देखकर मंदिर के पुजारी स्वामी चिदानंद ने पत्नी शीला के बारे मे पूछा। जिस पर उसने बीमार होने का हवाला दिया। शक होने पर चिदानंद ने ग्राम प्रधान व ग्रामीणों को भी बुला लिया। लामाचौड़ चौकी से पुलिस भी पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। शीला की लाश बिस्तर पर पड़ी थी। वहीं मृतका शीला के मायके ग्राम ऐरो रामपुर से पिता कल्याण सिंह पहुंचे। उन्होंने दामाद प्रमोद पर हत्या का शक जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।
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मामले का विचारण एडीजे प्रथम की कोर्ट में चला। इसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) नवीन जोशी ने नौ गवाह परीक्षित कराए। विवेचना एसआइ संजय पांडे व उमेद दानू ने की। अभियोजन की ओर से पेश दलीलों एवं साक्ष्यों तथा पीएम रिपोर्ट के मद्देनजर न्यायालय ने अभियुक्त प्रमोद को पत्नी की हत्या करने पर सजा सुनाई।