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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कैदियों की पैरोल अवधि सजा में शामिल करने की मांग

By Raksha PanthariEdited By:
Updated: Wed, 29 Nov 2017 06:44 PM (IST)

हार्इकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर कैदियों की पैरोल की अवधि को सजा की अवधि में शामिल करने की मांग की गर्इ है।

कैदियों की पैरोल अवधि सजा में शामिल करने की मांग
कैदियों की पैरोल अवधि सजा में शामिल करने की मांग

नैनीताल, [जेएनएन]: कैदियों की पैरोल की अवधि सजा में शामिल करने का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सरकार को तीन सप्ताह में स्थिति साफ करने के आदेश पारित किए हैं।

उत्तरकाशी निवासी अनूप राणा ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उत्तराखंड की जेलों में सजा काट रहे कैदियों को पैरोल का लाभ नहीं दिया जा रहा है। देश के तमाम राज्यों में पैरोल की अवधि को सजा में शामिल किया जाता है मगर उत्तराखंड में अभी ऐसा प्रावधान नहीं हैं। जब कोई कैदी पैरोल पर रहता है तो उसकी पैरोल की अवधि को सजा में नहीं जोड़ा जाता। लिहाजा उसे सजा से अतिरिक्त सजा काटनी पड़ती है। 

जनहित याचिका में पैरोल की अवधि को सजा में जोड़ने का आदेश पारित करने का आग्रह किया गया है, जिससे कैदियों को जेल में ज्यादा सजा न भुगतनी पड़े। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद सरकार को तीन सप्ताह में स्थिति साफ करने के आदेश पारित किए।

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