यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिक्षा मंत्री से व्यथित हूं, पर कुछ बोल नहीं सकतीः इंदिरा
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के कुमाऊं मंडल के अधिवेशन में अपना दुखड़ा रोया। ...और पढ़ें

हल्द्वानी, [जेएनएन]: उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के कुमाऊं मंडल के अधिवेशन में अपना दुखड़ा रोया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री से वह भी व्यथित हैं, लेकिन कुछ कह नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिव फ्रंट (पीडीएफ) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अभी शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए 50 पेज के नियम बना दिए। इससे मैं भी व्यथित हूं, लेकिन सरकार बचानी है। इसलिए कुछ ज्यादा नहीं बोल सकती हूं।
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राजकीय बालिका इंटर कालेज हल्द्वानी के सभागार में आयोजित अधिवेशन का उद्घाटन में उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। आज भौतिकवादी युग में हम बच्चों से विमुख हो रहे हैं। उन्हें पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि वे विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाएं, जिससे कि बच्चों को शिक्षा भार न लगे।