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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छोटा कैलास में स्वयं इंद्र करेंगे भगवान शिव का जलाभिषेक

By BhanuEdited By:
Published: Thu, 17 Nov 2016 11:50 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 17 Nov 2016 08:30 PM (GMT+05:30)

छोटा कैलास में इंद्र देवता ही अब भगवान शिव शंकर का जलाभिषेक करेंगे। पानी कि किल्लत को देखते हुए यहां ...और पढ़ें

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भीमताल, नैनीताल [राकेश सनवाल]: छोटा कैलास में इंद्र देवता ही अब भगवान शिव शंकर का जलाभिषेक करेंगे। सुनने में थोड़ा अटपटा है पर यही सही है। छोटा कैलाश में जलाभिषेक के लिए कुछ ऐसी ही व्यवस्था की गई है।
पहाड़ी पर नीचे से पानी की पाइप लाइन नहीं पहुंचने पर मंदिर में शिव के जलाभिषेक के लिए पानी की व्यवस्था को एक 40 हजार लीटर के पानी के टैंक का निर्माण कराया गया है। इसमें बरसात का पानी एकत्र होगा और आने वाले समय में भक्त इसी जल से प्रभु का जलाभिषेक करेंगे। कुमाऊं में यह पहला ऐसा मंदिर होगा जहां भक्त बरसात के पानी से शिव का जलाभिषेक करेंगे।

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भीमताल विकासखंड की ग्रामसभा पिनरौ में स्थित विश्व प्रसिद्ध छोटा कैलाश में पानी के टैंक निर्माण के लिए शिव भक्तों ने प्रशासन से लेकर शासन तक गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

इसके बाद शिव भक्त और ग्रामीणों की मांग पर जिला पंचायत सदस्य मंजू रावत ने अपनी पंचायत निधि से 1.99 लाख की धनराशि देकर छोटा कैलाश में शिव मंदिर के लिए बरसाती पानी को एकत्र करने के लिए टैंक का निर्माण कराया है।

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टैंक का निर्माण होने के बाद यह मंदिर अपने आप में अनोखा मंदिर बन गया है। आम तौर पर नदी, घाट और पानी के स्रोत के समीप निर्मित होने वाले शिव मंदिर जहां अब तक बहते और ताजे पानी से जलाभिषेक करने की मान्यता और परंपरा चली आ रही है। वहीं छोटा कैलाश में पानी की किल्लत को देखते हुए बारिश के पानी से भगवान शिव का जलाभिषेक भी आने वाले समय में किया जाएगा।
ग्रामीण बताते हैं कि भक्तजन अपने साथ ही पानी आदि लेकर मंदिर पहुंचते हैं पर वे इस बात से भी इन्कार नहीं करते हैं कि आने वाले समय में बरसाती पानी का प्रयोग भी जलाभिषेक के लिए किया जाने लगेगा।

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ग्रामीणों की माने तो इस टैंक के निर्माण के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था। पर्वत की चोटी में स्थित छोटा कैलाश से जल स्रोत तीन किमी नीचे घाटी में है। जहां से पानी ऊपर पहुंचाना संभव नहीं।
पिनरौ के क्षेत्र पंचायत सदस्य उमेश पलड़िया के मुताबिक बरसात के पानी को संरक्षित करने के लिए टैंक का निर्माण कराया गया है। जल्द ही टैंक का उद्घाटन करा लिया जाएगा।
पिनरौ के ग्राम प्रधान ईश्वरी राम के मुताबिक पानी की समस्या धार्मिक स्थल पर थी। प्रशासन से लेकर शासन तक मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। हालांकि अब टैंक का निर्माण हो गया है।

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पानी पहुंचाने का प्रयास रहा असफल
छोटा कैलाश में पानी पहुंचाने का प्रयास कई वर्ष पूर्व किया गया था। जहां पिनरौ ग्रामसभा में एकल पंपिंग योजना के तहत 89 लाख रुपये खर्च कर पानी की व्यवस्था की गई थी। पर पानी मेले बाजार तक ही पहुंच पाया था।

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बाद में बिल जमा नहीं होने के कारण यह पंपिंग योजना बंद हो गई। मामला वर्तमान में विधानसभा याचिका समिति में विचाराधीन है। क्षेत्र के बीडीसी सदस्य उमेश पलडिय़ा ने तत्कालीन विधायक दान सिंह भंडारी के सहयोग से समिति में याचिका दायर की हुई है।

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