Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कमरे में तेंदुए को देख ग्रामीण के उड़े होश, ऐसा किया उपाय

    By sunil negiEdited By:
    Updated: Sat, 05 Nov 2016 06:40 AM (IST)

    रामनगर वन प्रभाग की कालाढूंगी रेंज के रानीकोटा गांव में एक ग्रामीण के घर तेंदुआ घुस गया। इस पर ग्रामीण ने उसे कमरे में बंद कर दिया। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    कालाढूंगी, [जेएनएन]: एक ग्रामीण के घर में तेंदुआ घुस आया। कमरे में घुसे तेंदुए ने ग्रामीण के कुत्ते को अपना निवाला बनाकर उसे कमरे के अंदर ही खाना शुरू कर दिया। साहस जुटाकर ग्रामीण ने किसी तरह कमरे की कुंडी लगाकर तेंदुए को कमरे में ही बंद कर दिया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई।
    जनपद नैनीताल के रानीकोटा गांव में तड़के ग्रामीण पान सिंह अरोरा के घर की निचली मंजिल में एक तेंदुआ घुस आया। गृह स्वामिनी प्रेमा अपने दो बच्चों संग ऊपरी मंजिल में सो रही थी। तभी उन्होंने घर में कुत्ते व तेंदुए की आवाज सुनी।

    पढ़ें: कुत्ते पर झपटने को तैयार था तेंदुआ, पुजारी ने ऐसे फंसाया कि...

    इस पर उन्होंने खेतों में पहरा दे रहे पति पान सिंह अरोरा को घर बुला लिया। परिजनों के शोर मचाने पर तेंदुए ने कमरे के अंदर ही कुत्ते को अपना शिकार बना दिया। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसी बीच पान सिंह ने साहस कर किसी तरह दरवाजे पर कुंडी लगाकर तेंदुए को कमरे के अंदर बंद कर दिया।
    इसके बाद मौके पर पहुंचीं प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर नेहा वर्मा के नेतृत्व में देचौरी, फतेहपुर व कालाढूंगी रेंज के वन कर्मियों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया।
    वन्य प्राणी उद्यान नैनीताल के डॉ. योगेश भारद्वाज ने ट्रैंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन दिया। इसके बाद जैसे ही वन कर्मियों ने दरवाजा खोलकर तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल फेंका, आक्रामक तेंदुआ वन कर्मियों की ओर झपट पड़ा। इस पर वन कर्मी वापस लौट आए।

    पढ़ें:-उत्तरकाशी में तेंदुए ने गाय को बनाया निवाला

    करीब एक घंटे बाद दोबारा से तेंदुए को ट्रैंकुलाइजर गन से बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया, लेकिन वह बेहोश नहीं हुआ। वन कर्मियों के कमरे में दाखिल होते ही तेंदुआ कोने में छिप गया। कमरे में अधिक सामान व अंधेरा हो जाने के कारण करीब सात घंटे तक चला ऑपरेशन बंद करना पड़ा।
    रामनगर प्रभागीय वनाधिकारी नेहा वर्मा ने बताया कि ट्रैंकुलाइलर गन से दो बार बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया, लेकिन तेंदुए पर असर नहीं हुआ। कमरा चारों ओर से बंद होने के कारण भी ऑपरेशन में परेशानी हुई।

    पढ़ें: कालोनी में घूम रहा तेंदुआ सीसीटीवी में हुआ कैद

    खबरें और भी