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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एनडी तिवारी मेडिकल कॉलेज की दशा देख फूट-फूट कर रोए

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Tue, 03 Jan 2017 07:15 AM (IST)

    डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय की दशा देख एनडी तिवारी फूट-फूट कर रोए। अस्पताल की समस्याओं को सुनकर कहने लगे, मेरी पत्नी सुशीला तिवारी का नाम क्यो ...और पढ़ें

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    हल्द्वानी, [जेएनएन]: साल का पहला दिन। उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता एनडी तिवारी अपने ड्रीम प्रोजेक्ट रहे डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय पहुंच गए। कुमाऊं के इस सबसे बड़े अस्पताल में सेंट्रल कैंटीन के सामने कूड़े का ढेर दिखा तो एनडी फूट-फूट कर रो पड़े। अस्पताल में दो घंटे के दौरान उनकी आंखों से तीन बार आंसू निकले और इस भावुक स्थिति को देख अस्पताल प्रबंधन भी सकते में आ गया।

    एनडी को दोपहर एक बजे व्हील चेयर से अस्पताल के अंदर लाया गया। अपनी पत्नी डॉ. सुशीला तिवारी की मूर्ति को देखने के बाद वह रेडियोलॉजी विभाग में मशीनों की स्थिति जानने पहुंचे। पुत्र रोहित शेखर व पत्नी उज्ज्वला तिवारी भी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके पांडेय से सवाल करने लगीं।

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    पूरे दो घंटे के निरीक्षण के दौरान एनडी पहली बार गायनी विभाग के बाहर और दो बार सेंट्रल कैंटीन में रोए। अस्पताल की समस्याओं को सुनकर कहने लगे, मेरी पत्नी सुशीला तिवारी का नाम क्यों बदनाम कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कई बार एमएस व रोहित उलझ गए।

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    पिताजी, सीएम ने आपके मौन व्रत का भी ध्यान नहीं रखा

    रेडियोलॉजी विभाग में ही रोहित, एनडी के दाहिने कान पर झुक कर जोर-जोर से कहने लगे। 'पिताजी देखो, 14 महीने पहले आपने और मैंने 18 घंटे मौन व्रत रखा था। सीएम हरीश रावत ने फोन से सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।' एनडी बोले, 'तीन महीने का और समय मिलना चाहिए।'

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