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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज प्रदेश को हर साल देगा 48 विशेषज्ञ डॉक्टर

By BhanuEdited By:
Published: Tue, 11 Apr 2017 11:29 AM (IST)Updated: Wed, 12 Apr 2017 06:00 AM (IST)

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को हर वर्ष प्रदेश को 48 एमडी और एमएस विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराने लगेगा। इससे रोगियों के उपचार में भी काफी सुविधा मिलेगी।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज प्रदेश को हर साल देगा 48 विशेषज्ञ डॉक्टर
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज प्रदेश को हर साल देगा 48 विशेषज्ञ डॉक्टर

श्रीनगर गढ़वाल, [जेएनएन]: श्रीनगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कोशिशें यदि रंग लाई तो वर्ष 2020 से यह कालेज हर वर्ष प्रदेश को 48 एमडी और एमएस विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराने लगेगा। मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) चंद्रमोहन सिंह रावत का प्रयास है कि वर्ष 2018 के शिक्षा सत्र से मेडिकल कालेज में 14 विषयों में एमडी एमएस की पीजी कक्षाएं शुरू हो जाएं। उन्होंने कुल 48 पीजी सीटें स्वीकृत करने का अनुरोध एमसीआई दिल्ली से किया है। इसके लिए 28 लाख शुल्क भी दिया गया है।

प्राचार्य डॉ. चंद्रमोहन सिंह रावत का कहना है कि श्रीनगर मेडिकल कालेज में एमडी, एमएस की कक्षाएं शुरू हो जाने से बेस अस्पताल को भी हर वर्ष विशेषज्ञ डॉक्टर मिलना शुरू हो जाएंगे। इससे रोगियों के उपचार में भी काफी सुविधा मिलेगी। 

इसी को दृष्टिगत रख उन्होंने इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल किया हुआ है, ताकि आने वाले समय में पहाड़ में विशेषज्ञ डॉक्टर भी उपलब्ध होने लगेंगे। प्रोफेसर चंद्रमोहन ङ्क्षसह रावत ने कहा कि एमसीआइ को विधिवत आवेदन कर देने के बाद अब आगामी नवंबर माह के बाद कभी भी पीजी कक्षाओं की स्वीकृति के लिए एमसीआइ की निरीक्षण टीम श्रीनगर आ सकती है। 

निरीक्षण टीम की रिपोर्ट के उपरांत एमसीआइ दो-तीन माह के अंदर सीटों की स्वीकृति पर निर्णय ले लेगी। इससे वर्ष 2018 के सत्र से श्रीनगर मेडिकल कालेज में पीजी कक्षाएं शुरू हो सकेंगी।

मरीजों को भी मिलेगी राहत

श्रीनगर मेडिकल कालेज में मेडिसन, बाल रोग, स्किन, ईएनटी विभाग में तीन-तीन और हड्डी रोग, गायनी, एनेस्थीसिया, सर्जरी विभाग में चार-चार पीजी की सीटें शुरू होने से इन विषयों में 28 विशेषज्ञ डॉक्टर मिलना शुरू हो जाएंगे। विशेषज्ञ डाक्टरों के उपलब्ध होने से मरीजों को भारी राहत मिलेगी। मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन ङ्क्षसह रावत ने बताया कि इन सीटों के अतिरिक्त कम्युनिटी मेडिसन, पैथोलॉजी में चार-चार और माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री में तीन-तीन पीजी सीटें स्वीकृत करने को लेकर भी एमसीआइ में आवेदन किया है। 

एमसीआइ का एक और निरीक्षण भी प्रस्तावित

एमसीआइ ने श्रीनगर मेडिकल कालेज में एमबीबीएस (यूजी) की 100 सीटों के लिए वर्ष 2013 में अंतिम मान्यता दे दी थी। एमसीआइ हर पांच वर्ष में रिन्यूवल करने के लिए संबंधित मेडिकल कालेज का निरीक्षण भी करता है। श्रीनगर मेडिकल कालेज में यूजी को लेकर एमसीआइ का यह निरीक्षण आगामी मार्च-अप्रैल 2018 में प्रस्तावित है।

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