यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दादी के बक्से ने किया सबको हैरान, निकला कुबेर का खजाना
पौड़ी के कोटद्वार क्षेत्र में जब 500 और 1000 के नोट बंद होने की खबर एक वृद्धा को चली तो उसने अपने पोतों से बक्से में रखे नोट बदले को कहा। जब नोट गिने ...और पढ़ें

कोटद्वार, [जेएनएन]: आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की तो महिलाओं की छिपाई गई बचत भी परिवार के सामने खुल गई। ऐसा ही मामला कोटद्वार में भी देखने को मिला।
अपनी बुजुर्ग मां के साथ बैंक पहुंचा व्यक्ति प्रबंधक के कक्ष में आया और उन्हें बताया कि वह 25 लाख रुपये जमा करना चाहता है। प्रबंधक ने इतनी बड़ी रकम के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वृद्ध मां को पेंशन के रूप में अच्छी खासी रकम मिलती है। वे इस राशि को बक्से में जमा करती रहीं। जब पुराने नोट पर प्रतिबंध लगा तो घर के बच्चों ने अपने गुल्लक की जमा पूंजी निकालनी शुरू की।
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इस पर दादी ने भी अपने पोतों से रुपये बदलने को कहा। नाम न छापने की शर्त पर उस व्यक्ति ने बताया कि जब बक्से में जमा धनराशि गिनी तो पूरे 25 लाख निकली। इतनी बड़ी रकम से परिवार भी सोच में पड़ गया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि इसमें घबराने जैसी बात नहीं है, क्यों कि यह धनराशि पेंशन की है।
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