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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पिथौरागढ़ में कर्ज से दबे किसान ने की आत्महत्या, सीएम ने दिया ये बयान

By BhanuEdited By:
Updated: Sat, 17 Jun 2017 04:50 PM (IST)

सीमांत पिथौरागढ़ जिले में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरीनाग में ऋण माफी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।

पिथौरागढ़ में कर्ज से दबे किसान ने की आत्महत्या, सीएम ने दिया ये बयान
पिथौरागढ़ में कर्ज से दबे किसान ने की आत्महत्या, सीएम ने दिया ये बयान

बेरीनाग, पिथौरागढ़ [जेएनएन]: सीमांत पिथौरागढ़ जिले में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद ग्रामीणों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरीनाग में ऋण माफी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। 

बेरीनाग तहसील के पुरानाथल गांव के सरतोला तोक निवासी सुरेंद्र सिंह (60) पुत्र राम सिंह ने पांच वर्ष पूर्व साधन सहकारी समिति पुरानाथल से कृषि कार्य के लिए 75 हजार रुपये का कर्ज लिया था। इसके बाद उसने ग्रामीण बैंक बेरीनाग से चार वर्ष पूर्व 50 हजार रुपये का ऋण लिया। 

मेहनत मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे किसान सुरेंद्र ने दो रोज पूर्व पुरानाथल कस्बे में कई लोगों को बताया था कि लोन जमा करने के लिए बैंक से दबाव बनाया जा रहा है। उसे नोटिस थमाया गया है। 

सुरेंद्र इस उम्मीद में था कि शायद सरकार की किसी योजना में कृषि ऋण माफ हो जाए, लेकिन ऐसी कोई पहल नहीं होने से वह तनाव में था। ग्रामीणों के अनुसार इसी तनाव में गुरुवार रात्रि उसने घर पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया। 

इसकी जानकारी होते ही परिजन उसे स्वास्थ केंद्र लाए। चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए उसे पिथौरागढ़ जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जहां शुक्रवार सुबह सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया। मृतक के दो बेटे हैं और दोनों बेरोजगार हैं। दोनों बेटों के नाम पर भी कृषि ऋण है।

एसडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि किसान के आत्महत्या की जानकारी मिली है। आत्महत्या के कारणों का जांच के बाद ही पता चल सकेगा। दूसरी ओर घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों व स्थानीय कांग्र्रेस नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और मृत किसान का कृषि ऋण माफ करने के साथ ही उसके परिवारजनों को मुआवजा देने की मांग की है। 

सीएम ने कहा राजनीतिक मुद्दा न बनाएं 

पिथौरागढ़ के बेरिनाग में किसान की आत्महत्या पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि किसान ने कर्ज के चलते आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि किसान ने आत्महत्या करने की वजह का सुसाइड नोट नहीं छोड़ा। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी के ऊपर है 45 हजार का कर्ज है। उनके ऊपर भी 11 लाख का कर्जा है। इसे राजनितिक मुद्दा न बनाया जाये। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति राज्य सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है। किसानों को केवल दो प्रतिशत जैसी बेहद काम ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध करवाए जाने का निर्णय लिया जा चुका है। 

राज्य सरकार किसानों की आय को बढ़ाए जाने की कार्ययोजना पर काम कर रही है। किसानो को बुनियादी तौर पर मजबूत बनाना है। पिथौरागढ़ में एक किसान के आत्महत्या किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने इसकी मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए हैं। मृतक के शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा कि परिवार की हर सम्भव सहायता की जाएगी।

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