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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान हुए तृतीय केदार तुंगनाथ

By Sunil NegiEdited By:
Published: Mon, 30 Oct 2017 06:52 PM (IST)Updated: Mon, 30 Oct 2017 10:49 PM (IST)

तृतीय केदार तुंगनाथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान हो गए हैं। शीतकाल में यहीं पर श्रद्धालु तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे।

मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान हुए तृतीय केदार तुंगनाथ
मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान हुए तृतीय केदार तुंगनाथ

रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: पंच केदारों में शामिल तृतीय केदार तुंगनाथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान हो गए हैं। शीतकाल में यहीं पर श्रद्धालु तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे। शीतकाल के लिए तुंगनाथ के कपाट 27 नवंबर को बंद कर दिए गए थे।

अपने दूसरे पड़ाव भनकुन में दो दिन विश्राम करने के बाद सोमवार सुबह तुंगनाथ की उत्सव डोली मक्कूमठ के लिए रवाना हुई। इससे पहले मुख्य पुजारी प्रकाश मैठाणी ने पूजा अर्चना कर डोली को भोग लगाया। तुंगनाथ के जयकारों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु डोली के साथ मक्कूमठ के लिए चले।

दोपहर बाद डोली मार्कण्डेय मंदिर पहुंची। यहां पुष्प और अक्षत वर्षा कर डोली का स्वागत किया गया। मंदिर की परिक्रमा के बाद डोली ने भीतर प्रवेश किया और भोगमूर्ति को विराजित किया गया। इस अवसर पर केदारनाथ के विधायक मनोज रावत, मठपति रामप्रकाश मैठाणी, बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह और प्रबंधक प्रकाश पुरोहित उपस्थित थे। 

 

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