Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    रेलवे लाइन के फिर सर्वे करने की मांग पर अड़े ग्रामीण

    By gaurav kalaEdited By:
    Updated: Thu, 10 Nov 2016 04:00 AM (IST)

    रुद्रप्रयाग जनपद में रेल लाइन प्रभावित गांव नरकोटा में ग्रामीणों की बैठक कर चर्चा की गई कि रेलवे की ओर से खेतों का जो सीमांकन किया है, उससे वे संतुष्ट ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: रुद्रप्रयाग जनपद में रेल लाइन प्रभावित गांव नरकोटा में ग्रामीणों की बैठक कर चर्चा की गई कि रेलवे की ओर से खेतों का जो सीमांकन किया है, उससे वे संतुष्ट नही हैं। इसलिए एक बार फिर सर्वे किया जाना चाहिए।
    ग्रामीणों ने बैठक में सर्वसम्मति के बाद रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। नरकोटा में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ में रेल आने का उनका कोई विरोध नही है, लेकिन उनकी समस्याओं का निराकरण होना भी अति आवश्यक है।

    पढ़ें: चंपावत में पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग
    उन्होने कहा कि रेलवे व राजस्व विभाग की ओर से जो सर्किल रेट निर्धारित किए गए हैं, उससे किसान संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सर्किल रेट साढ़े तीन लाख रुपये प्रति नाली किया जाए, या फिर जो सर्किल रेट निर्धारित है। उसे आठ गुना दिया जाए।

    पढ़ें: धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ी
    उन्होंने कहा कि नरकोटा हाईवे पर लगभग तीस से अधिक ग्रामीण अपना रोजगार चलाते हैं। वहां रेलवे की ओर से भूमि अधिग्रहित की जा रही है। इनका उचित मुआवजा देने की मांग की है। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता जोशी, पूर्व प्रधान सुरेन्द्र जोशी, सत्यप्रसाद, पुष्पा देवी, दीपक सिलोड़ी, प्रदीप सिलोड़ी, प्रमोद भट्ट, सरिता देवी, रघुनंदन, कमल किशोर और संतोष भट्ट समेत कई लोग उपस्थित थे।

    पढ़ें:-मुख्यमंत्री हरीश रावत को काले झंडे दिखाने निकले भाजपाई गिरफ्तार

    खबरें और भी