यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
टिहरी में बादल फटा, खेत हुए तबाह
थौलधार के किरगणी बरसाती नाले में बादल फटने से सिंचित खेत तबाह हो गए, जिससे ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ है। इससे करीब 60 काश्तकार प्रभावित हुए हैं। इस ...और पढ़ें

चम्बा (टिहरी)। थौलधार के किरगणी बरसाती नाले में बादल फटने से सिंचित खेत तबाह हो गए, जिससे ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ है। इससे करीब 60 काश्तकार प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा सिंचाई गूल व पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से क्षति का आकलन कर का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
थौलधार ब्लॉक के किरगणी बरसाती नाले में कल शाम बादल फटा, जिससे बरसाती नाले में फैले मलबे ने सिचिंत खेती को तबाह कर दिया। मबले के कारण करीब आधा किमी के दायरे में खड़ी फसल खेत सहित बह गई। इससे किरगणी ग्राम पंचायत के गुनेथ व वनकोट के लोगों का भारी नुकसान हुआ है। गांव के करीब 60 लोगों के खेत धान व नगदी फसलों समेत तबाह हो गए। यहां करीब पांच सौ से अधिक नाली कृषि भूमि बादल फटने से तबाह हो गई। इतना ही नही करीब आधा दर्जन सिंचाई नहरें और चार पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रभावित ग्रामीण सदीक, प्रेमदत्त, सुन्दरमणी, तोताकृष्ण, रूद्रमणी आदि का कहना है कि उनका दो तरह का नुकसान हुआ है एक तो खेत बह गये और फसल भी नष्ट हो गई। उन्होंने शासन-प्रशासन से क्षति का सही आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, क्षति का जायजा लेने प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची।
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