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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड: टिहरी और अल्मोड़ा में बादल फटा, देहरादून में आंधी से उखड़े पेड़

By Sunil NegiEdited By:
Published: Fri, 26 May 2017 05:28 PM (IST)Updated: Sat, 27 May 2017 02:30 AM (IST)

उत्‍तराखंड में आज मौसम ने अपना मिजाज बदला। टिहरी जिले के मंदार में और अल्‍मोड़ा जिले के रानीखेत के सुदूर ...और पढ़ें

उत्‍तराखंड: टिहरी और अल्मोड़ा में बादल फटा, देहरादून में आंधी से उखड़े पेड़
उत्‍तराखंड: टिहरी और अल्मोड़ा में बादल फटा, देहरादून में आंधी से उखड़े पेड़

टिहरी, [जेएनएन]: पहाड़ों में मौसम के तेवर भारी पड़ने  लगे हैं। मानूसन से पहले ही मौसम का यह मिजाज से ग्रामीणों को डराने लगा है। शुक्रवार को बारिश और आंधी से गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। टिहरी और अल्मोड़ा के रानीखेत क्षेत्र में बादल फटने से खेतों के साथ ही कई घरों में मलबा घुस गया। 

गुरुवार को भी अल्मोड़ा में बादल फटने से नुकसान हुआ था। उत्तरकाशी जिले के दूरस्थ क्षेत्र चाइंसिल बुग्याल (पहाड़ में घास के मैदान) में आकाशीय बिजली  गिरने से तीन लोग घायल हो गए। एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। दूसरी ओर मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम कुछ राहत देगा। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं।

गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों के कई इलाकों में सुबह से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ था। सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद दोपहर बाद कई क्षेत्रों ओले भी गिरे। देर शाम देहरादून जिले में आंधी से चकराता में पेड़ उखड़ गए। टिहरी जिले में देवप्रयाग ब्लाक के क्वीली गांव के प्रधान राजेश्वर बडोनी ने बताया कि जबरदस्त ओलावृष्टि के बीच दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे विस्फोट जैसी आवाज सुनाई दी। 

इससे ग्रामीणों में दहशत छा गई। कुछ देर में ग्रामीण आवाज की दिशा में पहुंचे तो वहां जूनियर हाईस्कूल के पास पेड़ उखड़े हुए थे और खेत मलबे से पटे मिले। मलबा आने से घनसाली-टिहरी मोटर मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। मंदार गांव के दर्शन सिंह रमोला और बचन सिंह का कहना है कि बादल फटने के कारण पैदल मार्गों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों में दहशत में है।

कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले के मलौना गांव में बादल फटने से खासा नुकसान हुआ है। बरसाती नदी के उफान से खेतों में मलबा घुस गया। इसके अलावा कठपुड़िया-पतलना मार्ग पर बोल्डर (विशाल पत्थर) आने से आवाजाही बाधित हो गई। इससे आधा दर्जन गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। बोल्डर की चपेट में आने से एक मंदिर को भी नुकसान पहुंचा। नैनीताल में दोपहर बाद हुई जोरदार बारिश से पर्यटक होटलों में कैद होकर रह गए। पिथौरागढ़ जिले में के बेरीनाग तहसील में आंधी से राजकीय प्राथमिक विद्यालय बौंगाड़ की छत उड़ गई और कालेटी गांव में मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। 

 

पौड़ी में ओले से पटा रहा पौड़ी

मुख्यालय पौड़ी में शाम सायं को हुई बारिश और भारी ओलावृष्टि से कुछ समय के लिए आम जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। इतनी तेजी से ओले पड़े कि कुछ समय के लिए शहर ओले से पटा नजर आया। अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से अपर बाजार, माल रोड, एजेंसी में कुछ समय वाहनों के पहिए भी थमे रहे। इतना ही नहीं तेज बारिश के चलते माल रोड सहित कई स्थानों पर जल भराव की स्थिति भी बनी रही। शहर में पहली बार हुई इस तेज ओलावृष्टि से लोग कुछ समय तो अपने घरों में कैद हो गए। हालांकि आपदा कंट्रोल रुम के मुताबिक अभी भारी बारिश से कही नुकसान की कोई सूचना नहीं है।  दो दिनों से सांय को बदल रहे मौसम और तेज बारिश से लोग डरे-सहमें हुए है।

चकराता में तूफान से कार पर गिरा पेड़

चकराता में तेज आंधी तूफान से भारी भरकम पेड गिरने के कारण दो वाहन चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें एक वाहन दिनेश चांदना छावनी बाजार चकराता की ऑल्टो कार और दूसरा वाहन पीडब्‍ल्‍यू चकराता की बोलेरो कार है। हादसा चुंगी बाजार चकराता के पास का है, जहां सड़क किनारे दोनों वाहन पार्किंग की गए थे। गनीमत रही की तूफान से जिस वक्त पेड़ गिरा आस-पास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।

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