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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सेवानिवृति से पहले गुरुघर में डीजीपी बीएस सिद्धू

By sunil negiEdited By:
Updated: Fri, 29 Apr 2016 07:51 PM (IST)

अपने पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे डीजीपी बीएस सिद्धू नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा में गुरु को मत्था टेकने पहुंचे। उनके साथ एसएसपी ऊधमसिंह नगर समेत कई पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।

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सितारगंज (उधमसिंह नगर)। कल अपने पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे डीजीपी बीएस सिद्धू नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा में गुरु को मत्था टेकने पहुंचे। उनके साथ एसएसपी ऊधमसिंह नगर समेत कई पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।
आज सुबह लगभग 11.30 बजे डीजीपी बिरेन्द्र सिंह सिद्धू ने नानकमत्ता गुरुद्वारा में मत्था टेककर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2013 को पदभार संभालने के बाद वह सबसे पहले गुरु नानकदेव की शरण में आए थे। गुरुद्वारा साहिब में आस्था होने के कारण यहा समय-समय आना होता रहता है। सेवानिवृत्त होने से पहले भी गुरु नानकदेव की शरण में आना सुखद अनुभव है। यहा आने से मन को असीम शांति मिलती है।

बिताया आधा घटा
गुरुद्वारा भ्रमण पर पहुंचे डीजीपी ने यहा आधा घटा समय बिताया। उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में लगे पीपल के पेड़ के इतिहास के बारे में एसएसपी को बताया। कहा कि यह पेड़ भी गुरुद्वारे जितना पुराना है। इसके बाद डीजीपी देहरादून रवाना हो गए।

सरोवर में मछली देख हुए खुश
नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे में कुछ समय पहले डीजीपी रंगीन मछलियों के बीज लेकर आए थे। इस बार वह सरोवर में उन्हें देखने को मिल गए। सरोवर में काली और रंगीन मछलियों की बढ़ती संख्या को देख डीजीपी सिद्धू बहुत खुश हुए।

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