यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रकृति ने बिखेरी नेमतें, पर्यटकों से गुलजार हुई हिमालय की वादियां
शीतकाल में भी हिमालय की वादियां पर्यटकों से गुलजार हो रही हैं। उत्तरकाशी के पर्यटक स्थलों में पर्यटक ट्रैकिंग का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं। साथ ही प्रकृति भी नेमतें बिखेरे है।

उत्तरकाशी, [जेएनएन]: शीतकाल में भी हिमालय की वादियां पर्यटकों से गुलजार हो रही हैं। पर्यटक उत्तरकाशी जिले के दयारा, डोडीताल, गंगोत्री आदि स्थानों सैर ही नहीं कर रहे, बल्कि इस सर्द मौसम का लुत्फ भी ले रहे हैं। पर्यटकों के कई दल इन स्थानों की सैर कर आए हैं। उनका कहना है कि हिमालय की गोद में बसे उत्तरकाशी जिले में प्रकृति ने खुले हाथों नेमतें बिखेरी हैं।
शीतकाल में दयारा बुग्याल और डोडीताल पर्यटकों का सर्वाधिक ध्यान खींचते हैं। समुद्रतल से आठ से दस हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल से बंदरपूंछ चोटी के साथ हिमालय का दीदार करने को बीते एक पखवाड़े में 50 से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं।
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हिम क्लींब ट्रैक के संचालक राजेश नेगी बताते हैं कि सर्दी बढऩे के साथ पर्यटकों की आवक भी बढ़ने लगी है। कई पर्यटक शांति और एकांत चाहते हैं। इसलिए दयारा व डोडीताल की ट्रैकिंग उनकी पहली पसंद है।
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हाल ही में एक पर्यटक दल ने दयारा होते हुए डोडीताल की ट्रैकिंग की। इस दौरान पर्यटकों ने प्रकृति की सुदंरता निहारने के साथ हिमालयी लोमड़ी, मोनाल, भूरा भालू, भरल आदि का दीदार भी किया।
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वेयर ईगल डेयर के संचालक तिलक सोनी ने बताया कि इन दिनों पर्यटकों का एक दल गंगोत्री व हर्षिल के भ्रमण पर है। जबकि, एक अन्य दल ने दयारा बुग्याल की ट्रैकिंग की है। पर्यटक अमिताभ चक्रवती कहते हैं कि उत्तरकाशी में प्रकृति का अद्भुत खजाना बिखरा हुआ है। इसका दीदार करना हर कोई चाहता है।
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