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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तरकाशी के हारुणी मेले में दिखी आस्था की अनूठी झलक

    By BhanuEdited By:
    Updated: Sat, 13 Aug 2016 07:00 AM (GMT+05:30)

    मनेरी गांव के हारुणी मेले में आस्था की अनूठी झलक देखने को मिली। मूसलाधार बारिश भी ग्रामीणों के उत्साह को कम न कर सकी। ...और पढ़ें

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    उत्तरकाशी, [जेएनएन]: मनेरी गांव के हारुणी मेले में आस्था की अनूठी झलक देखने को मिली। मूसलाधार बारिश भी ग्रामीणों के उत्साह को कम न कर सकी। ग्रामीणों ने लोक नृत्य व पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियो से समा बांध दिया।
    इन दिनों उत्तरकाशी के रंवाई घाटी क्षेत्र में मेलों का आयोजन किया जा रहा है। कई गांवों में एकसाथ मेले लगे हैं। इन मेलों में धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजन से ग्रामीणों में उत्साह है।

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    ग्रामीण अच्छी फसल की कामना, ऊँचे बुग्यालों में गए पशुओं के सकुशल लौटने, गांव की खुशहाली के लिए ईष्ट देवी देवताओ को प्रसन्न करने को मेला आयोजित करते हैं। यह मेला लगभग 300 सालों से आयोजित किया जा रहा है।

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    मनेरी गांव के हारुणी मेले के उत्साह में ग्रामीण डूबे नजर आए। मां राज राजेश्वरी मंदिर में आयोजित इस मेले में लोकनृत्य, रासों आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में रातभर रतजगा कर देव डोलियों की स्तुति और डोली नृत्य का दौर भी चला । सुबह पुष्प प्रसाद चढ़ाने के बाद देवता का पुजारी ने मंदिर के ऊपर से फूलों के प्रसाद को श्रद्धालुओं की ओर डाला।
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