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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सबमरीन और युद्धपोत समेत फाइटर जेट F-35 के संवेदनशील डॉक्‍यूमेंट चोरी

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Fri, 13 Oct 2017 05:26 PM (IST)

    डिफेंस से जुड़े बेहद सेंसेटिव डॉक्‍यूमेंटस को हैकर्स ने चुरा लिया है। इसमें पांचवी जनरेशन के फाइटर जेट एफ 35 से जुड़ी बेहद सेंसेटिव जानकारी शामिल है। ...और पढ़ें

    सबमरीन और युद्धपोत समेत फाइटर जेट F-35 के संवेदनशील डॉक्‍यूमेंट चोरी
    सबमरीन और युद्धपोत समेत फाइटर जेट F-35 के संवेदनशील डॉक्‍यूमेंट चोरी

    नई दिल्‍ली (स्‍पेशल डेस्‍क)। आस्‍ट्रेलिया के डिफेंस से जुड़े बेहद सेंसेटिव डॉक्‍यूमेंटस को हैकर्स ने चुरा लिया है। इसमें पांचवीं जनरेशन के फाइटर जेट एफ-35 से जुड़ी बेहद सेंसेटिव जानकारी शामिल है। इतना ही नहीं इसके साथ आस्‍ट्रेलिया के नए युद्धपोत और जासूसी विमान (Spy Plane) पी-8 Poseidon विमान के भी डॉक्‍यूमेंट्स को भी चुरा लिया गया है। यहां पर यह बता देना जरूरी होगा कि P-8 विमान का इस्‍तेमाल भारत समेत कुछ गिने चुने देश ही करते हैं और जो मौजूदा समय में सबसे बेहतर सर्विलांस विमान है। इसके अलावा F-35 विमान का भी इस्‍तेमाल दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों में ही होता है। इस लिहाज से इस डॉक्‍यूमेंट्स का चोरी होना अपने आप में बेहद खतरनाक है।

    मामला बेहद गंभीर

    इस बाबत जागरण डॉटकॉम से बात करते हुए पूर्व एयर वाइस मार्शल कपिल काक ने बताया किे किसी भी विमान के सीक्रेट डॉक्‍यूमेंट्स का चोरी हो जाना अपने आप में बेहद गंभीर मामला है। उनका कहना था कि किसी भी विमान का डिजाइन हमेशा उसकी पैरेंटल कंपनी के पास होता है इसलिए इसका चोरी होना लगभग नामुमकिन होता है। लेकिन विमान के अंदर की वायरिंग और इसके इक्‍यूपेमेंट की जानकारी को उस देश की सुविधा और मांग के मुताबिक फेरबदल किया जाता है। उन्‍होंने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह जरूरी है कि सेना की साइबर सेल एजेंसी इस बात पर एक फुलप्रूफ प्‍लान तैयार करे। एवीएम काक का कहना था भारत के विषय यदि बात की जाए तो हमारी नौसेना के पास पी8आई सर्विलांस प्‍लेन है। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस संबंध में चिंता की कोई जरूरत नहीं है क्‍योंकि किसी भी भारतीय विमान की ग्राउंट सेंटर से हो रही बातचीत की जानकारी लीक नहीं हो सकती है। लेकिन इसके बाद भी इसके लिए और हाईटेक प्‍लान जरूर होना चाहिए।

    डाक्‍यूमेंट्स चुराने वाले का निकनेम है 'अल्‍फ'

    जानकारी के मुताबिक इन डॉक्‍यूमेंट्स को चुराने वाले का निकनेम अल्‍फ “Alf” है। बताया  गया है कि चुराई गई जानकारी करीब 30 जीबी की है। आस्‍ट्रेलिया की साइबर इंटेलिजेंस एजेंसी आस्‍ट्रेलियन सिग्‍नल डॉयरेक्‍ट्रेट (ASD) के अधिकारी के मुताबिक इस 30 जीबी के डाटा में आस्‍ट्रेलिया के मॉडर्न मिलिट्री प्रोग्राम से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं। सिडनी के मॉर्निंग हैरल्‍ड अखबार ने इसकी जानकारी दी है। यहां पर एक बात और बता देनी जरूरी है कि हैकर्स ने इसके लिए जिस टूल का इस्‍तेमाल किया है उसका इस्‍तेमाल चाइनीज हैकर्स करते हैं।

    F-18 को F35 से बदलना

    रशियन न्‍यूज वेब साइट RT.Com की जानकारी के मुताबिक इस डाटा में यूएस इंटरनेशनल ट्रैफिक इन आर्म्‍स रेगुलेशन (ITAR) जिसके तहत डिफेंस टेक्‍नॉलिजी की जाती है, की भी जानकारी शामिल है। इस चोरी का पहली बार खुलासा एक फ्रीलांसर ने किया था। आस्‍ट्रेलिया के डिफेंस इंटस्‍ट्री मिनिस्‍टर क्रिस्‍टोफर पाइन के मु‍ताबिक इस डाटा का चोरी होना बेहद गंभीर विषय है। गौरतलब है कि आस्‍ट्रेलिया आने वाले वर्षों में अपने F-18 हॉरनेट फाइटर जेट्स को अत्‍याधुनिक F-35 फाइटर जेट से बदलने वाली है। इसका निर्माण लॉकहिड मार्टिन कंपनी कर रही है। लॉ‍कहिड मार्टिन वही कंपनी है जिसके भारत में टाटा से मिलकर एफ 16 लड़ाकू विमान बनाने की बात सामने आई थी। वहीं P-8 Poseidon आस्‍ट्रेलियन एयर फोर्स के सबसे नया सर्विलांस विमान है।

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    F-35 फाइटर जेट

    यह पांचवी जनरेशन का लड़ाकू विमान है। सिंगल इंजन और सिंगल सीट वाले इस विमान की खासियत यह है कि इसका इस्‍तेमाल ग्राउंड अटैक के अलावा भी किया जा सकता है। य‍ह विमान 1930 किमी प्रति घंटे की स्‍पीड से उड़ान भरता है और एक बार ईंधन भरन के बाद करीब 2200 किमी तक जा सकता है। इसको बनाने वाली कंपनी लॉकहिड मार्टिन ने मौजूदा समय तक ऐसे करीब 231 जेट बनाए हैं। इस विमान के डेवलपमेंट में अमेरिका के करीबी देशों के अलावा नाटो के भी देश शामिल हैं। एफ 16 की तुलना में यह करीब 12 फीसद महंगा भी है।

    बोइंग P-8 Poseidon विमान

    यह एक मिलिट्री एयरक्राफ्ट है जिसको यूएस नेवी के लिए तैयार किया गया था। यह एंटी सबमरीन वारफेयर, एंटी सर्फेस वारफेयर और मेरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट से युक्‍त है। इसका इस्‍तेमाल भारत, अमेरिका, आस्‍ट्रेलिया की नेवी और एयरफ्रोर्स कर रही हैं। इसके अलावा ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स और नॉर्वे की एयरफोर्स ने भी इसका आर्डर दिया हुआ है। 908 किमी की टॉप स्‍पीड से चलने वाले इस विमान की खासियत यह है कि यह अत्‍याधुनिक मिसाइलों से लैस है। यह एक बार र्इंधन भरने पर बिना रुके करीब 8300 किमी तक का सफर कर सकता है। मौजूदा समय में यह विमान दुनिया का सबसे बेहतर सर्विलांस प्‍लेन है।