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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दुष्‍कर्म के खिलाफ दुनियाभर की महिलाओं की आवाज बना है एक गीत, कई देशों में हो रहा प्रदर्शन

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Wed, 11 Dec 2019 08:38 AM (IST)

    महिलाओं से बढ़ रहे अपराधों के खिलाफ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में गुस्‍सा है। सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही हैं। ...और पढ़ें

    दुष्‍कर्म के खिलाफ दुनियाभर की महिलाओं की आवाज बना है एक गीत, कई देशों में हो रहा प्रदर्शन
    दुष्‍कर्म के खिलाफ दुनियाभर की महिलाओं की आवाज बना है एक गीत, कई देशों में हो रहा प्रदर्शन

    नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। हैदराबाद में महिला पशु चिकित्‍सक के साथ सामूहिक दुष्‍कर्म और फिर उसको जला देने की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। बाद में हैदराबाद पुलिस द्वारा आरोपियों का एनकाउंटर किए जाने की घटना ने लोगों को खुश होने का मौका जरूर दिया लेकिन साथ ही इस पर सवाल भी खड़े हुए और अब जांच चल रही है। इस एनकाउंटर के बाद या देश भर में दुष्‍कर्म के खिलाफ भड़के गुस्‍से के बावजूद इस तरह के मामले न तो कम ही हुए हैं और न ही बंद हुए हैं। हैदराबाद की घटना के बाद दर्जनभर दुष्‍कर्म के मामले सामने आ चुके हैं। आपको बता दें कि दिल्‍ली में 16 दिसंबर 2012 की रात चलती बस में हुए सामूहिक दुष्‍कर्म की घटना के बाद हैदराबाद की यह दूसरी ऐसी घटना थी जिसका शोर विदेशी मीडिया में भी सुनाई दिया। इस मामले को विदेशी मीडिया ने प्रमुखता से छापा था। 

    दुष्‍कर्म के मामले पर जो गुस्‍सा भारत के अलग-अलग राज्‍यों में देखा गया वह सिर्फ यहीं तक ही सीमित नहीं है। यह एक ऐसा मसला है जिससे दुनिया के सभी मुल्‍क परेशान हैं। कहीं-कहीं पर इस अपराध के लिए सरेआम सिर काट कर मौत देने का भी प्रावधान है। बहरहाल, इस तरह के मामलों के खिलाफ अब महिलाएं लामबंद होने लगी हैं। इन महिलाओं का कहना है कि जो लोग उनके कपड़ों पर तंज कसते हैं और उन्‍हें दुष्‍कर्म की एक बड़ी वजह बताते हैं उन्‍हें दरअसल, अपनी सोच में बदलाव करने की जरूरत है। इसको लेकर चिली, वेनेजुएला और जर्मनी में हजारों  की संख्‍या में महिलाएं सड़कों पर उतरकर जबरदस्‍त प्रदर्शन कर रही हैं।

    हजारों की तादाद में जमा ये महिलाएंं इस बात का सुबूत हैं कि पुरुषों को अब अपनी सोच बदलनी होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो इसका खामियाजा भी उन्‍हें भुगतना होगा। दक्षिण कोरिया में पुरुषों की घटिया मानसिकता की वजह से महिलाओं ने शादी, शारीरिक संबंध बनाने और बच्‍चा पैदा करने से इनकार करने को एक मुहिम चलाई हुई है। वहीं, चिली, वेनेजुएला और जर्मनी की बात करें तो प्रदर्शन में भाग ले रही महिलाओं के बीच एक गाना तेजी से वायरल हो रहा है। इन तीनों ही देशों में महिलाएं इस गाने को गाकर अपना विरोध जता रही हैं। इस गाने के बोल हैं 'रेपिस्‍ट इज यू' और रेपिस्‍ट इन योअर पाथ। ये गीत वर्तमान में दुष्‍कर्म के खिलाफ विश्‍व की महिलाओं की आवाज बन रहे हैं। 

    अब जरा इन देशों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर भी एक नजर डाल लेते हैं। 

    वेनेजुएला

    वेनेजुएला काफी समय से आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है। यही वजह है कि वहां पर हर तरह से अपराध बढ़ा है।  महिलाओं के साथ हो रहे अपराध भी बीते एक दशक में बढ़ा है। यहां की एक कड़वी सच्‍चाई ये भी है कि गरीबी  और लाचारी के माहौल में यहां पर महिलाएं देह व्‍यापार की तरफ मजबूरन मुड़ रही हैं। वहीं एक हकीकत ये भी है कि यहां की महिलाओं को इस दलदल में जबरन भी धेकेला जा रहा है। वेनेजुएला की महिलाओं को ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्‍करी) के जरिए त्रिनिदाद और टोबेगो जैसे देशों में मामूली कीमत पर बेचा जाता है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इन महिलाओं का तस्‍कर सौ डॉलर में सौदा करते हैं। एमेनेस्‍टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर वेनेजुएला में बेहद लचीला रुख अपनाया जाता है। 

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    इटली

    महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध पर इटली में भी जबरदस्‍त गुस्‍सा फूट रहा है। यहां पर पिछले कुछ दिनों से लगातार महिलाएं सड़कों पर उतरकर अपने गुस्‍से का इजहार कर रही हैं। वेनेजुएला की तर्ज पर ही इटली की महिलाएं सड़कों पर उतरकर 'रेपिस्‍ट इज यू' गा रही है। इन महिलाओं का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ  पूरी दुनिया में बढ़ रहे अपराधों पर कठोर से कठोर कानून बने। ये महिलाएं अपना गुस्‍सा लिंगभेद को लेकर भी उतार रही हैं।    

     

    चिली

    चिली में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर सैकड़ों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं की मांग थी कि जो भी महिलाओं के खिलाफ अपराध को अंजाम देते हैं उन्‍हें कड़ी और जल्‍द सजा मिलनी चाहिए।  

    डोमनिक रिपब्लिक 

    इस छोटे से देश को नशीले पदार्थों की तस्‍करी और मनी लॉड्रिंग के लिए ज्‍यादा जाना जाता है। यही वजह है कि यहां पर हर तरह के अपराध का ग्राफ काफी ऊपर है। हत्‍याओं के अलावा महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी यह देश काफी आगे है। अब यहां की महिलाएं इस तरह के अपराधों से तंग आ चुकी हैं। यही वजह है कि सोमवार को सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतरी और सरकार-प्रशासन के खिलाफ जबरदस्‍त प्रदर्शन किया। इन महिलाओं का साथ देने में यहां के मानवाधिकार संगठन भी आगे रहे। इन्‍होंने प्रदर्शन के दौरान आंखों पर काली पट्टी बांधी हुई थी। मध्‍य एशिया के इस देश में वर्ष 2018 के दौरान 1290 दुष्‍कर्म के मामले रिकॉर्ड किए गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2018 में 71000 लिंग आधारित मामले रिकॉर्ड किए गए जिसममें 6300 से अधिक मामले यौन हिंसा से जुड़े थे। इस पूरे क्षेत्र में यह एक ऐसा देश है जहां पर फेमिसाइड रेट काफी हाई है। इस तरह के मामले में महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध शामिल होते हैं।  

    लेबनान

    मध्‍य एशिया के इस देश में दुष्‍कर्म के मामले 2013 के बाद से दोगुनी तेजी से बढ़े हैं। इसके अलावा यहां पर लिंगभेद को लेकर महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। अब यहां की महिलाएं इनके खिलाफ सड़कों पर उतर आई हैं।   

    मेक्सिको

    मेक्सिको की सड़कों पर सैकड़ों महिलाओं ने उतरकर देश में बढ़ रहे महिलाओं के खिलाफ अपराध के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ये रेपिस्‍ट इन योअर पाथ गा रही थीं।   

    तुर्की

    तुर्की में भी लगातार महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ें हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2017 में 409 महिलाओं की हत्‍या और 387 महिलाओं से यौन अपराध हुए थे। अब यहांं की महिलाएं इस तरह के अपराधों के खिलाफ एकजुट हो रही हैं। मंगलवार को सड़क पर उतरी सेकड़ों महिलाओं  की पुलिसकर्मियों से तीखी झड़प भी हुई। ये  महिलाएं दुष्‍‍‍‍‍कर्म के खिलाफ विश्‍व की आवाज बना गीत रेपिस्‍ट इन योअर पाथ गा रही थीं। 

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