यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Diamond Astrology: इन राशियों की किस्मत चमका सकता है हीरा, जानें धारण करने का सही तरीका
Diamond Astrology हिंदू धर्म में ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व है। हीरे को रत्नों का राजा भी कहा जाता है। हीरा पहनना आजकल फैशन बन चुका है लेकिन ज्योत ...और पढ़ें

नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Diamonds Benefits: हीरा न केवल ज्योतिष दृष्टि से विशेष महत्व रखता है बल्कि इसका सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। ज्योतिष के अनुसार हीरा धारण करने का एक नियम बताया गया है जिसका पालन किया जाए तो हीरा अधिक सकारात्मक प्रभाव देता है।
इन राशियों के लिए है फायदेमंद
तुला राशि - तुला राशि वाले अपने संतुलन और सामंजस्य की भावना के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में हीरे उनके इस गुण को और भी बढ़ा सकता है। तुला राशि के जातकों द्वारा हीरा धारण करने से उनकी मध्यस्थता करने और लोगों को एक साथ लाने की क्षमता को बढ़ती है।
सिंह राशि - सिंह राशि वाले लोगों में नेता वाले गुण पाए जाते हैं। यह लोग सुर्खियों में रहना पसंद करते हैं। ऐसे में हीरे उनकी शाही आभा को बढ़ा सकता है, जिससे वे और भी अधिक आकर्षक और प्रभावशाली बन सकते हैं।
धनु राशि - ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धनु राशि के जातक साहसी होते हैं। वह सत्य और ज्ञान की खोज करना पसंद करते हैं। हीरा उनकी आत्मज्ञान की खोज के अनुरूप हो सकता है, साथ ही उनके अंतर्ज्ञान और ज्ञान को बढ़ा सकते हैं।
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मेष राशि - मेष राशि वाले अपने उग्र और महत्वाकांक्षी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। हीरा उनके नेतृत्व के गुणों में वृद्धि करता है और उनके आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है। ऐसे में मेष राशि वाले जातकों को हीरा जरूर धारण करना चाहिए।
कुंभ राशि - कुंभ राशि के लोग अपनी नवीन सोच और मानवीय दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। हीरा उन्हें अपने अनूठे विचारों को अधिक प्रभावी तरीके से और स्पष्टता के साथ व्यक्त करने में मदद कर सकता है।
वृषभ राशि - वृषभ राशि के जातक सुंदरता और विलासिता की ओर आकर्षित होते हैं। ऐसे में हीरे उनकी सुंदरता और आकर्षण को बढ़ा सकता है।
इस तरह करें धारण
हीरे को और चांदी या सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण करना चाहिए। इसे धारण करने के लिए शुक्रवार का दिन अच्छा माना जाता है। इस दिन हीरे को सूर्योदय होने के बाद धारण करना चाहिए। धारण करने से पहले अपनी अंगूठी को गंगा जल, दूध, मिश्री और शहद मिले पानी में डाल कर रखना दें।
इसके बाद शुक्र देव के मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। हीरा धारण करते या पहनते समय मंत्रों का जाप या ध्यान करने से इसके प्रभाव में वृद्धि हो सकती है। फिर उस जल से अंगूठी निकालकर मां लक्ष्मी के चरणों में रख दें। इसके बाद हीरे को धारण किया जा सकता है।
डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'
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