पुरुलिया के इलू में 200 साल पुरानी परंपरा जीवंत, विजयादशमी पर मां दुर्गा को लगता है पांताभात और चेंग मछली का भोग west-bengal
पुरुलिया का प्रसिद्ध गांव चड़िदा: मुखौटा कला के साथ-साथ अब मूर्तिकला में भी बिखेर रहा है अपनी कला की छटा jharkhand