यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नई कार खरीदने का है प्लान, जान लें मैनुअल और ऑटोमैटिक में से कौन-सी है बेहतर
Manual or automatic मैनुअल और ऑटोमेटिक दोनों ट्रांसमिशन सिस्टम के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। भारतीय बाजार में ऑटोमैटिक कार काफी महंगी आती है। ये ...और पढ़ें

नई दिल्ली,ऑटो डेस्क। नई कार खरीदने से पहले आपके मन में सौ सवाल आते हैं। लेकिन किसी विशेष मॉडल और वेरिएंट में कार लेने से पहले खरीदार कई बातों के बार में सोचते हैं। इसके लिए बहुत सारे सवाल, ड्राइविंग राइड और विशेषज्ञों से सलाह और सुझाव ले कर ही कार लेते हैं। आपको बता दें, किसी भी कार को लेने से पहले दिमाग में सवाल आता है कि कौन से ट्रांसमिशन वाली कार खरीदें। मैनुअल या ऑटोमैटिक , कौन सी खरीदें ये एक बड़ी दुविधा होती है।
ट्रांसमिशन सिस्टम
ट्रांसमिशन सिस्टम में वाहन के गियर को बदला जाता है। इंजन से ड्राइव एक्सेल तक पावर जाती है। ट्रांसमिशन किसी भी वाहन के मुख्य पार्ट में से एक है। निचले गियर में, ट्रांसमिशन स्पीड को कम करते हुए पावर को बढ़ाता है। वहीं उच्च गियर में, ट्रांसमिशन कम कर देता है और स्पीड को बढ़ा देता है।
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मैनुअल और ऑटोमेटिक दोनों ट्रांसमिशन सिस्टम के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। इन दोनों में से किसी एक को सेलेक्ट करने के लिए आज हम आपके लिए कुछ तथ्य लेकर आए हैं। चलिए देखते हैं इनमें क्या कुछ खास है।
Manual transmission
Manual transmission कई लोगों को पसंद आती है, खासकर उन ड्राइवरों को जो पुराने जमाने की ड्राइविंग को फील करना चाहते हैं। मैनुअल ट्रांसमिशन नई ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन तकनीक से पहले का है।
ये कारें कीमत में सस्ती होती है और इनकी मेंटेनेंस भी अधिक नहीं होती है। मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस कारें काफी सस्ती कीमत में आती है। इसके अलावा, मैनुअल गियरबॉक्स का रखरखाव भी सस्ता है।
ट्रैफिक में थकावट
भारी भीड़ भाड़ वाले शहर के ट्रैफिक में मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस कार चलाना काफी थकावट भरी होती है। क्योंकि लगातार क्लच दबाने और गियर बदलने पर अधिक ध्यान देना पड़ता है और ड्राइवर को थकावट हो जाती है।
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ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन
भारतीय बाजार में आज के समय में एक से बढ़कर एक दमदार ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारें आती है। जो आपको एक बेहतर ड्राइविंग अनुभव प्रदान करता है। चाहे वो रास्ता खाली हो या फिर भीड़भाड़ वाला रास्ता क्यों न हो।
इस्तेमाल में आसान
बार -बार क्लच दबाना और गियर शिफ्ट करना मुश्किल नहीं होता है, लेकिन सिस्टम के साथ सहज होने और कब अपशिफ्ट या डाउनशिफ्ट करना है यह सीखने के लिए ड्राइवर को थोड़ा सीखने की जरूरत है।
खरीदना और रखरखाव महंगा
ये जितनी आरामदायक है उतनी महंगी भी है। आपको बता दें, भारतीय बाजार में ऑटोमैटिक कार काफी महंगी आती है। ये मैनुअल गियरबॉक्स की तुलना में अधिक महंगी है और इन कारों का रखरखाव भी महंगा होता है।
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