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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गाड़ी के स्‍टेयरिंग में इन चार कारणों से होने लगती है वाइब्रेशन, समय रहते करवाएं सही नहीं तो बढ़ जाएगी परेशानी

    Updated: Mon, 04 Nov 2024 08:29 AM (IST)

    अक्‍सर लोग गाड़ी खरीद तो लेते हैं लेकिन उनको गाड़ी का सही तरह से ध्‍यान रखना नहीं आता। जिस कारण कई तरह की परेशानी समय के साथ आने लगती है। अगर कार चलात ...और पढ़ें

    कार चलाते हुए स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन किन कारणों से आने लगती है। आइए जानते हैं।
    कार चलाते हुए स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन किन कारणों से आने लगती है। आइए जानते हैं।

    HighLights

    1. गाड़ी के स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन को न करें नजरअंदाज
    2. सस्‍पेंशन, मौसम, ब्रेक में खराबी से होती है समस्‍या

    ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत में लगातार सड़कों की स्थिति में सुधार हो रहा है। इसके साथ ही वाहन निर्माता भी नई तकनीक का उपयोग कर कारों का उत्‍पादन कर रहे हैं। लेकिन समय के साथ पुरानी होने और लापरवाही करने के कारण कार में कुछ समस्‍याएं आ जाती हैं। ऐसी ही एक समस्‍या कार चलाते हुए स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन की होती है। कार के स्‍टेयरिंग में किन चार कारणों से वाइब्रेशन (Steering Wheel Shaking Reason) होता है। इसे ठीक न करवाना कितना महंगा (Car Tips) पड़ सकता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

    टायर्स का अलाइनमेंट करें चेक

    अक्‍सर कार के पहियों का अलाइनमेंट आऊट हो जाता है तो कार चलाते हुए स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन (Car Steering Vibration Reasons) होने लगता है। कार का अलाइनमेंट आऊट होने के कारण वह चलते हुए एक दिशा में ही जाने लगती है। ऐसा होने के साथ ही वाइब्रेशन भी महसूस होने लगता है। इससे बचने के लिए समय समय पर कार के अलाइनमेंट को चेक करवाना चाहिए। कोशिश करें कि हर दो हजार किलोमीटर के बाद गाड़ी का अलाइनेंट करवाएं।

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    सस्‍पेंशन में आ सकती है खराबी

    अगर कार के सस्‍पेंशन में एक बार खराबी आ जाती है तो भी गाड़ी चलाने पर स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन होने लगती है। अगर समय पर यह समस्‍या दूर न करवाई जाए तो फिर गाड़ी में और भी कई तरह की परेशानियों के आने का खतरा बढ़ जाता है। जिसे ठीक करवाने में समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं।

    लापरवाही बरतने से होती है समस्‍या

    अगर कार चलाते हुए लापरवाही बरती जाए और लंबे समय तक गाड़ी को खराब सड़कों, खराब ड्राइविंग पैटर्न के साथ चलाया जाता है तो भी स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही कई बार ऐसा मौसम में काफी ज्‍यादा बदलाव के कारण भी होने लगता है।

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    ब्रेक रोटर में खराबी आने पर होती है वाइब्रेशन

    अगर आपकी कार के ब्रेक रोटर में खराबी आ जाती है तो भी कार चलाते हुए स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन होने लगता है। आमतौर पर यह तब होता है जब गाड़ी में ब्रेक लगाए जाते हैं। ब्रेक रोटर और ब्रेक पैड मिलकर ही कार को रोकते या स्‍पीड को कम करते हैं। लेकिन इनके खराब होने पर स्‍टेयरिंग में वाइब्रेशन हो जाता है।

    वाइब्रेशन आने पर न करें देरी

    आपकी कार को भी चलाने पर वाइब्रेशन होती है तो बिना देरी किए ही गाड़ी की अच्‍छी तरह से चेकिंग करवानी चाहिए। इसके लिए हमेशा अच्‍छे मेकैनिक के पास जाना चाहिए। ब्रेक, सस्‍पेंशन में खराबी को तो मेकैनिक ठीक कर सकता है। लेकिन आपके खराब ड्राइविंग पैटर्न और खराब सड़कों पर चलने की गलती को आप खुद ही सुधारकर गाड़ी की उम्र को आसानी से बढ़ा सकते हैं।

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