Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कहीं आपकी गाड़ी भी तो नहीं है Air Pollution की जिम्मेदार, इन कारों से पर्यावरण को होता है सबसे ज्यादा नुकसान

    By Sonali SinghEdited By:
    Updated: Fri, 04 Nov 2022 07:27 PM (IST)

    Delhi Air Pollution कुछ खास तरह की गाड़ियों से ज्यादा वायु प्रदूषण होता है। इसमें डीजल वाली गाड़ियों के अलावा भी बहुत से मॉडल्स है। इन गाड़ियों को दिल्ली ...और पढ़ें

    Cars Are Responsible For Air Pollution, Delhi Air Quality
    Cars Are Responsible For Air Pollution, Delhi Air Quality

    नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली, इन दिनों किसी गैस चेंबर से कम नहीं है। यहां हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है। इस वजह से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्ती दिखते हुए कुछ खास तरह के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। इसमें प्रदूषण में वृद्धि के कारण ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GAAP) के तहत अनिवार्य प्रतिबंधों को लागू करने की बात कही गई है, जिसके कारण डीजल से चलने वाली गाड़ियों पर बैन लगा दिया जा सकता है।

    पर ऐसे में सवाल उठता है कि डीजल वाली गाड़ियों के अलावा और कौन-कौन सी गाड़ियां हैं जो वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं। साथ ही अगर ऐसी गाड़ियां हमारे पास भी हैं तो हमें क्या करना चाहिए।

    कौन-सी गाड़ियों से होता सबसे ज्यादा प्रदूषण

    वैसे तो हर गाड़ी कुछ मात्र में कार्बन का उत्सर्जन करती है, जिससे वायु प्रदूषण होता है।  लेकिन कुछ खास तरह की गाड़ियों की वजह से निकलने वाले कार्बन की मात्रा वातावरण में बहुत बढ़ जाती है और इस कारण इन्हे सरकार द्वारा बैन किया गया है।

    इसमें सबसे पहला नाम डीजल से चलने वाली गाड़ी का आता है। दिल्ली में 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियों के चलने पर रोक है। इसके अलावा, BS4 मानक वाली गाड़ियों के चलने पर भी दिल्ली में रोक लगा दी है। इसके स्थान पर BS6 मानक वाली गाड़ियों को लाया गया है। मध्यम माल वाहनों (एमजीवी) और भारी माल वाहनों (एचजीवी) पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।

    क्या करें प्रतिबंधित गाड़ियों का

    अगर आपके पास भी ऊपर दी गई गाड़ियों में से एक है तो ऐसे में सरकार ने इसके लिए कुछ उपाय बताए हैं। 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों के लिए स्क्रैपेज पॉलिसी लाई गई है। इसके तहत, पुरानी गाड़ियों को नष्ट कर दिया जाता है और वाहन मालिक को एक सर्टिफिकेट दी जाती है। इस सर्टिफिकेट की मदद से नई गाड़ी खरीदने पर कुछ छूट मिलती है।

    खबरें और भी

    वहीं, बाकी गाड़ियों में पेट्रोल इंजन की जगह पर CNG किट को लगाया जा सकता है। अगर आप नई गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं तो फैक्ट्री फिटेड CNG कारें भी अच्छा विकल्प है।

    ये भी पढ़ें-

    Hybrid Car में मिलने वाले माइल्ड, प्लग-इन और स्ट्रॉन्ग तकनीक में आखिर क्या है अंतर? कैसे होती है आपकी बचत

    Car Care Tips: सर्दियों में कार स्टार्ट करते समय की जल्दबाजी तो हो सकता है भारी नुकसान, जानिए इसकी वजह