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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए FAME-II स्कीम कितनी खास, जानें इसके फायदे

    By Ayushi ChaturvediEdited By: Ayushi Chaturvedi
    Updated: Wed, 17 May 2023 11:32 AM (IST)

    what is FAME II scheme कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार ने 2019 में देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क ...और पढ़ें

    what is FAME II scheme know all about it
    what is FAME II scheme know all about it

    नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। देश में इलेक्ट्रिक वाहन का चलन दिन पर दिन काफी तेजी से बढ़ते जा रहा है। इसको बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है जिससे इसको बढ़ाया जा सके। कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इसके कारण सरकार ईवीएस को बढ़ाने की योजना बना रही है।

    2019 में देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए आई थी

    इसमें गौरतलब की बात ये है कि सरकार ने 2019 में देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया फेज II (फेम इंडिया फेज II) स्कीम को मंजूरी दी थी।

    क्या है फेम  2 स्कीम

    आपको बता दें, फेम 2 स्कीम इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत सरकार ईवी खरीदने पर सब्सिडी देती है। शुरुआत में इस योजना को 31 मार्च 2022 को समाप्त कर दिया जा रहा था, लेकिन बाद में इसकी तारीख को आगे बढ़ाकर 31 मार्च 2024 कर दिया गया है।

    FAME-II स्कीम के क्या है फायदे

    इस स्कीम के तहत दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 50 फीसद अधिक प्रोत्साहन मिलता है। सरकार दो पहिया वाहनों के लिए नए प्रोत्साहनों के रूप में 15 हजार रुपये प्रति kWh या वाहन के बैटरी क्षमता लागत का 40 फीसद तक सब्सिडी के रुप में दिया जाता है। केंद्र सरकार के अलावा, राज्य सरकार भी इस योजना का लाभ दे रही है।

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    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक

    लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) II योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू व्हीलर मैन्युफैक्चरिंग के लिए सब्सिडी के लिए अधिक फंड आवंटित करने की इंडस्ट्री की मांग पर सरकार विचार कर रही है। सरकार इसके तहत 1,500 करोड़ रुपये आवंटित करने के प्रस्ताव पर विचार रही है। लेकिन अभी इसपर फैसला होना बाकी है।