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जब एक ही Car के 15 वेरिएंट्स देखकर घूम जाता है दिमाग; तुरंत पढ़ें नई गाड़ी खरीदारी की पूरी इनसाइड स्टोरी!

Updated: Tue, 25 Aug 2026 10:00 AM (IST)

भारत में कई वाहन निर्माताओं की ओर से कारों की बिक्री की जाती है। इन कारों को कई वेरिएंट्स में ऑफर किया जाता है। क्‍या इस कारण लोग कार खरीदते हुए परेशान हो जाते हैं? आइए जानते हैं।

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत में वाहन निर्माताओं की ओर से कई कारों को ऑफर किया जाता है। हर निर्माता अपनी हर कार के कई वेरिएंट्स बिक्री के लिए उपलब्‍ध करवाते हैं। जिस कारण नई कार खरीदने वाले परेशान हो जाते हैं। ऐसा किस कारण से होता है। किस तरह से अपने लिए नई कार खरीदते हुए सबसे बेहतर विकल्‍प को चुना जा सकता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

कई वाहन निर्माता करते हैं कार ऑफर

भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी से लेकर मर्सिडीज बेंज तक कई सेगमेंट में वाहन निर्माताओं की ओर से कारों को ऑफर किया जाता है। देश में हैचबैक कार सेगमेंट से लेकर एसयूवी, एमपीवी, पिकअप, कनवर्टिबल, लग्‍जरी, स्‍पोर्ट्स कारों तक के सेगमेंट में सैंकड़ों विकल्‍प मिलते हैं।

हर कार के कई वेरिएंट्स उपलब्‍ध

सभी निर्माताओं की ओर से हर सेगमेंट में कई कारों की बिक्री की जाती है। इन कारों में भी कई विकल्‍प दिए जाते हैं। कई निर्माताओं की ओर से तो एक ही गाड़ी के 10, 20 और उससे भी ज्‍यादा वेरिएंट्स को बिक्री के लिए उपलब्‍ध करवाया जाता है।

लोग होते हैं परेशान

एक ही गाड़ी के कई वेरिएंट्स के कारण जब लोग नई कार खरीदने की तैयारी शुरू करते हैं तो उनको काफी ज्‍यादा परेशानी होती है। जिस कारण कार खरीदना काफी ज्‍यादा मुश्किल हो जाता है।

क्‍यों होती है परेशानी

जब एक ही गाड़ी के कई वेरिएंट्स ऑफर किए जाते हैं तो खरीदारों को छोटे छोटे अंतर के कारण वेरिएंट को चुन पाना मुश्किल हो जाता है। किसी वेरिएंट में वेंटिलेटिड सीट नहीं होती हैं तो उसी गाड़ी के दूसरे वेरिएंट में एलईडी लाइट को नहीं दिया जाता।

कीमत में होता है अंतर

जब गाड़ी के चुनाव के समय खरीदार को इस तरह की परेशानी होती है तो कई बार वह टॉप वेरिएंट खरीदने की सोचता है लेकिन उसकी कीमत में और खरीदार के बजट में काफी ज्‍यादा अंतर आ जाता है।

डीलर को भी होती है परेशानी

खरीदार के साथ ही कई वेरिएंट्स के कारण डीलर को भी परेशानी होती है। वह शोरूम पर हर गाड़ी के सभी वेरिएंट्स को टेस्‍ट ड्राइव के लिए उपलब्‍ध नहीं करवा पाते हैं और इसी के साथ उनको हर वेरिएंट का स्‍टॉक रखने में भी परेशानी होती है, जिससे वेटिंग पीरियड में भी बढ़ोतरी हो जाती है।

कैसे लें फैसला

जब भी गाड़ी खरीदने की तैयारी शुरू करें तो सबसे पहले अपने बजट को देखें और इसके बाद जरुरत के फीचर्स को चुनें। इसके बाद जिस भी गाड़ी को खरीदने जाएं उसके सभी वेरिएंट्स को देखने की जगह सिर्फ उन वेरिएंट्स को चुनें जो न सिर्फ आपके बजट में हों बल्कि ज्‍यादा से ज्‍यादा जरुरत के फीचर्स वेरिएंट में मिले। अगर कुछ फीचर्स किसी एक वेरिएंट में नहीं है तो भी उसे चुनना आपके लिए तब सही हो सकता है जब आपका बजट काफी ज्‍यादा ऊपर न जाए।

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