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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कार चोरी होने के बाद किस तरह मिलता है Insurance claim, जानें पूरा तरीका

    Updated: Wed, 19 Jun 2024 11:59 AM (IST)

    भारत में बड़ी संख्‍या में वाहनों की चोरी होती है। कई बार लोगों के साथ ही पुलिस के लिए ऐसी घटनाएं सिरदर्द बन जाती हैं। समस्‍या तब आती है जब कार चोरी हो ...और पढ़ें

    कार चोरी होने के बाद किन बातों का ध्‍यान रखते हुए Insurance Claim लिया जा सकता है। आइए जानते हैं।
    कार चोरी होने के बाद किन बातों का ध्‍यान रखते हुए Insurance Claim लिया जा सकता है। आइए जानते हैं।

    HighLights

    1. भारत में हर महीने बड़ी संख्‍या में होती है कारों की चोरी
    2. कार चोरी होने के बाद कुछ बातों का ध्‍यान रखकर ही Insurance Claim लिया जा सकता है
    3. कार चोरी हो जाए तो पुलिस और इंश्‍योरेंस कंपनी को बिना देरी किए जानकारी देनी चाहिए

    ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत में हर महीने बड़ी संख्‍या में वाहन चोरी होने की घटनाएं सामने आती हैं। कई बार तो सीसीटीवी फुटेज होने के बाद भी चोरों को पकड़ना पुलिस के सिरदर्द बन जाता है। दूसरी ओर वाहन मालिक को भी इंश्‍योरेंस कंपनी से Claim लेने में काफी परेशानी होती है। किस प्रक्रिया को पूरी करने के बाद आसानी से Claim लिया जा सकता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

    पुलिस को दें जानकारी

    अगर किसी व्‍यक्ति की कार चोरी हो जाती है तो सबसे पहले पुलिस को जानकारी देनी चाहिए। साथ ही एफआईआर करवाने के बाद उसकी कॉपी को सुरक्षित रखना चाहिए।

    इंश्‍योरेंस कंपनी को भी सूचित करें

    पुलिस को जानकारी देने के बाद जिस कंपनी से गाड़ी का इंश्‍योरेंस करवाया हुआ है, उसे भी जानकारी देनी चाहिए। कंपनी को जानकारी देने में कभी भी देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर जानकारी देने का फायदा यह होता है कि वह अपनी ओर से क्‍लेम की प्रक्रिया को शुरू कर देती है। जिससे आपको क्‍लेम मिलने में ज्‍यादा देरी नहीं होती।

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    जमा करें कागज

    एक बार प्रक्रिया शुरू हो जाए तो कंपनी को कार से जुड़े जरूरी दस्‍तावेज देने चाहिए। जिसमें एफआईआर, इंश्‍योरेंस की मूूल कॉपी, ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी की आरसी जैसे कागज देने चाहिए।

    पुलिस से लें रिपोर्ट

    पुलिस की ओर से गाड़ी ढूंढने के लिए समय लिया जाता है। उसकी अवधि पूरी होने के बाद पुलिस की ओर से अनट्रेसेबल रिपोर्ट को जारी किया जाता है। यह रिपोर्ट तब जारी की जाती है, जब पुलिस की कोशिश के बाद भी गाड़ी नहीं मिल पाती।

    रिपोर्ट के बाद करें यह काम

    एक बार यह रिपोर्ट आपको मिल जाए तो उसे बिना देरी किए इंश्‍योरेंस कंपनी को देनी चाहिए। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद ही कोई भी कंपनी आपको इंश्‍योरेंस क्‍लेम का पैसा देती है। इस रिपोर्ट के बिना क्‍लेम लेने में काफी परेशानी आती है। जब आप कंपनी को यह रिपोर्ट सौंपते हैं तो उसके साथ गाड़ी की चाबी और अन्‍य दस्‍तावेजों को भी देना पड़ता है, जिसके बाद क्‍लेम की राशि आपको दी जाती है।

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