यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कार के साथ हो जाए हादसा तो किन कारणों से नहीं मिलता Insurance Claim, जानें पूरी डिटेल
भारत में हर रोज बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। जिसके बाद कार को ठीक करवाने के लिए लोग Insurance Claim लेते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि क् ...और पढ़ें

HighLights
- Car इंश्योरेंस होने के बाद भी कंपनी की ओर से क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है
- बिना वैध लाइसेंस कार चलाने के बाद हादसा हो जाए तो कंपनी क्लेम पास नहीं करती
- निजी कार को कमर्शियल की तरह उपयोग करने के बाद हादसा होने पर भी नहीं मिलता क्लेम
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। कई बार लोग कार को ठीक करवाने के लिए Insurance Claim लेते हैं। लेकिन कुछ कारणों से कंपनी की ओर से क्लेम पास नहीं किया जाता। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि कंपनी की ओर से किन कारणों से इंश्योरेंस क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है।
पुरानी कार खरीदते समय रखें ध्यान
महंगी होती कारों के कारण ज्यादातर लोग पुरानी कार खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन पुरानी कार खरीदने के बाद कई बार इंश्योरेंस को ट्रांसफर करवाने में देर कर देते हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाता है तो इंश्योरेंस कंपनी की ओर से क्लेम को रिजेक्ट भी किया जा सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी
अगर किसी व्यक्ति के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है या फिर उसका लाइसेंस एक्सपायर हो गया हो और उससे कार चलाते समय हादसा हो जाता है। तो भी इंश्योरेंस कंपनी की ओर से क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- क्या होता है Brake Fluid, कार के लिए कितना होता है जरूरी, जानें इसे कब बदलना होता है बेहतर
इन कारणों से भी नहीं मिलता क्लेम
इंश्योरेंस ट्रांसफर या बिना वैध लाइसेंस के कार चलाने के अलावा कई और कारण भी होते हैं, जिनके कारण Insurance Claim को रिजेक्ट किया जा सकता है। इनमें प्रमुख कारण निजी कार को कमर्शियल कार की तरह उपयोग करने, अथॉरिटी को बिना बताए कार मोडिफाई करने और हादसा होने के बाद कंपनी को देरी से जानकारी देने के कारण भी जरूरत के समय इंश्योरेंस क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है।
खबरें और भी
न करें ये काम
अगर आपको इंश्योरेंस कंपनी की ओर से जरूरत के समय क्लेम चाहिए तो कई कामों को करने से बचना चाहिए। आमतौर पर लोग छोटी छोटी चीजों के लिए क्लेम लेने लगते हैं। इसके अलावा कई बार फर्जी तरीके से क्लेम पास करवाने के लिए अप्लाई करते हैं। लेकिन अगर कंपनी को इस बात की जानकारी मिल जाती है, तो भी कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट करने के साथ ही आपको ब्लैकलिस्ट में भी डाल सकती है।