Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मोटरसाइकिल से हुई सफर की शुरुआत, फिर Tata की एंट्री ने बदल दी जगुआर की कहानी

    By Ayushi ChaturvediEdited By: Ayushi Chaturvedi
    Updated: Sat, 18 Feb 2023 08:00 AM (IST)

    जगुआर दुनिया की सबसे पॉपुलर कारों में से एक है। क्या आप जानते हैं इसकी शुरुआत कैसे हुई कब हुई। जगुआर नाम वाली पहली कार 1936 एसएस जगुआर थी। जगुआर को 19 ...और पढ़ें

    टाटा की एंट्री ने बदल दी जगुआर की कहानी
    टाटा की एंट्री ने बदल दी जगुआर की कहानी

    नई दिल्ली,ऑटो डेस्क। Jaguar (जगुआर) नाम तो आपने सुना ही होगा! यह दुनिया की सबसे पॉपुलर कार में से एक है। बड़ों से लेकर बच्चों तक की जुबान पर इस कार का नाम है। गानों में भी इस कार का जिक्र होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसकी शुरुआत कैसे हुई, कब हुई, किसने की। चलिए, आज हम आपके इस सब सवालों का जवाब एक-एक करके देते हैं।

    इस कंपनी की नींव मोटरसाइकिल के शौकीन दो भाई विलियम वाल्म्सली व विलियम लियोन ने 1922 में की थी। दोनों भाइयों ने इंग्लैंड के ब्लैकपूल में एक छोटी-सी दुकान खोली थी, जिसमें स्टाइलिश एल्यूमीनियम कोटिंग के मोटरसाइकिल साइडकार  का प्रोडक्शन शुरू किया था। देखते ही देखते समय के साथ स्वॉलो नाम की साइडकार इंग्लैंड में काफी लोकप्रिय होने लगी।

    1936 बनी पहली जगुआर

    जगुआर नाम वाली पहली कार 1936 एसएस जगुआर थी, जो 1.5 या 2.5 लीटर मॉडल के रूप में आई थी। 2.6 लीटर इंजन डिजाइन में जगुआर का पहला प्रोडक्शन था, इसे कंपनी ने स्टैंडर्ड मोटर के ढांचे पर बनाया था। यह 1930 के दशक की क्लासिक  कार थी, जो दिखने के कारण ही सबसे अधिक और जल्दी लोकप्रिय हो गई। सेकेंड वर्ल्ड वार के बाद जगुआर एक्सके-120 को सबसे खूबसूरत लुक दिया गया था। 1938 में 3.5 लीटर के साथ 125hp के दमदार इंजन के साथ इस कार को पेश किया गया था, जिसे 161 किमी / घंटे की स्पीड से चलाया जा सकता था।

    1960 में हुआ विलय

    बात 1960 की है, जब  जगुआर का ब्रिटिश मोटर कारपोरेशन में मर्ज हो गई, जो ब्रिटिश मोटर होल्डिंग्स बन गया, फिर ब्रिटिश लीलैंड मोटर कारपोरेशन, जिसका 1975 में नेशनलाइजेशन किया गया । लेकिन  जगुआर 1984 में फिर राष्ट्रीयकृत नौकरशाही से अलग हो गई। हालांकि जगुआर को 1989 में फोर्ड मोटर कंपनी द्वारा खरीदा गया था। लेकिन ये सिलसिला यहां पर समाप्त नहीं हुआ था।

    खबरें और भी

    टाटा की हुई जगुआर

    2008 में टाटा ने ब्रिटिश कंपनी से जगुआर को खरीद लिया था। हालांकि चेयरमैन रतन टाटा ने अपना वादा निभाया कि टाटा इस भव्य ब्रिटिश ब्रांड के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। इसी तरह एक मोटरसाइकिल से सफर चालू हुआ और आज सबसे लोकप्रिय ब्रांड जगुआर टाटा के पास आ गया। 

    ये भी पढ़ें-

    Toyota Hyryder CNG के दमदार फीचर्स बना रहे हैं लोगों को फैन! जल्द शुरू हो सकती है कार की डिलीवरी

    पिक्चर अभी बाकी है... Bajaj ने फिर शुरू कर दी Pulsar 220F बुकिंग, बदल गया लुक या मिलेगा वही पुराना अंदाज?