यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
High-Mileage Car: माइलेज के साथ बचत भी होगी 'हाई', इन कारों को खरीदने से पहले बस देख लें ये जरूरी चीजें
High-Mileage Car अगर आप इन दिनों आप एक हाई-माइलेज कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो बता दें कि इस इन्हें खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों को ध्यान में ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। High-Mileage Car: हाई-माइलेज वाली कार यानी कि प्रति किलोमीटर ज्यादा सेविंग, हर महीने ईंधन पर लगने वाले खर्च में बचत और बार-बार तेल भराने की झंझट से आजादी। हाई-माइलेज वाली कारों में मिलने वाले इन फीचर्स की वजह से ही ज्यादातर लोग इस तरह की गाड़ियों को खरीदना पसंद करते हैं। अगर आप इसका नया मॉडल ले रहे हैं तब ज्यादा कुछ चेक करने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर इन्हें सेकेंड हैंड कार के रूप में खरीदा जा रहा है तो पहले कुछ चीजों का ध्यान रखना भी जरूरी है। तो चलिए इन बातों पर एक नजर डालते हैं।

असल माइलेज की जानकारी
ज्यादा माइलेज वाली यूज्ड कार की असर माइलेज जानकार आप काफी पैसे की बचत कर सकते हैं। इसके लिए इस तरह की कार खरीदने से पहले इसकी मार्केट में क्या कीमत है इसके बारे में जान लें, फिर टेस्ट ड्राइव के जरिए या मकैनिक की मदद से कार की असल माइलेज का पता लगा लें। इससे वाहन विक्रेता से बाद में कम माइलेज के लिए मोल-भाव किया जा सकता है।
रखरखाव रिपोर्ट
किसी भी हाई-माइलेज वाली कार के लिए यह जरूरी है कि उसका पिछेल कुछ सालों में अच्छी तरह से रखरखाव किया गया हो। इसकी जानकारी के लिए आप कार मालिक से इसकी रखरखाव रिपोर्ट, कोई दुर्घटना रिपोर्ट और अन्य दावे के दस्तावेज मांग सकते हैं।
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कितनी चली है गाड़ी
हाई-माइलेज वाली गाड़ियों में अच्छी माइलेज के साथ-साथ इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि यह कितनी मिल तक चली है। सिटी ड्राइविंग की तुलना में कारों को हाईवे कार के इंजन पर कम असर डालते हैं। इस कारण अगर हाई-माइलेज वाली कार हाईवे पर चली हो तो आमतौर पर इसमें अधिक लुब्रिकेटेड होती हैं।
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इंटीरियर और एक्सटिरीयर को कर लें चेक
यह सिर्फ हाई-माइलेज कारों के नहीं, बल्कि किसी भी सेकंड हैंड कारो को खरीदने से पहले चेक करना चाहिए कि इसके अंदर और बाहर की स्थिति अच्छी हो। कार को खरीदने से पहले जंग, लीक और छेद जैसी चीजों को चेक करना न भूलें। साथ ही, केबिन के अंदर का लेटेस्ट फीचर्स को भी टेस्ट ड्राइव के जरिए चेक करना भूल लें।