यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Car Engine Knocking: कार के इंजन से क्यों आती है खट-खट की आवाज, कैसे कर सकते हैं ठीक
कई बार आपने अपनी कार की इंजन से खट-खट की आवाज आते हुए सुना होगा। इंजन से आने वाली इस खट-खट को नॉकिंग कहा जाता है। इसे नजरअंदाज पर करने पर आपको बड़ी सम ...और पढ़ें

HighLights
- जब स्वच्छ ईंधन नहीं मिलता है।
- जब इंजेक्टर्स चोक हो जाते हैं।
- जब सेंसर्स सही ढंग से काम नहीं करते।
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। कार के इंजन से खट-खट की आवाज आने के पीछे के कई कारण हो सकते हैं। चाहे कारण जो भी हो, इसे जल्द से जल्द ठीक करवा लेना चाहिए, नहीं तो बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इंजन से आ रही खट-खट को नोकिंग कहा जाता है। हम यहां पर आपको इंजन से खट-खट की आवाज आने के पीछे का कारण बता रहे हैं, साथ ही यह भी बता रहे हैं कि आप इसे किस तरह से ठीक कर सकते हैं।
क्यों आती है खट-खट की आवाज
जब आपकी कार के सिलेंडर में हवा और फ्यूल समान रेशियो में होंगे, तो हर पॉकेट सही से काम करेगी। इंजन से खट-खट की आवाज तब आती है, जब इंजन के सिलेंडर में फ्यूल असमान रूप से जलता है। यह कारण बनता है इंजन नॉकिंग या झनझनाने की आवाज का। यह आवाज आमतौर पर इंजन के ऑन रहने पर आता है, लेकिन कभी-कभी के बंद होने के दौरान या फिर स्टार्ट होने के दौरान भी सुन सकते हैं।
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इंजन नोकिंग होने के कारण
खराब स्पार्क प्लग
स्पार्क प्लग इंजन को चालू रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके खराब होने पर खट-खट की आवाज आना शुरू हो जाती है। अगर आपके इंजन से भी खट-खट की आवाज आ रही हैं तो स्पार्क प्लग को बदलने की आवश्यकता है।
कम ऑक्टेन फ्यूल
कम ऑक्टेन रेटिंग वाले फ्यूल का इस्तेमाल करने से इंजन में खराबी आ सकती है। इसलिए हमेशा अपनी कार के लिए सही ऑक्टेन लेवल का पता लगाएं और इंजन में आने वाली समस्या से दूर रहे।
कार्बन का जमना
सभी गाड़ियों में सिलेंडर को बंद होने से बचाने के लिए कार्बन क्लीनिंग एजेंट होता है। इसके होने के बावजूद कुछ कार्बन बनता ही रहता है। ज्यादा कार्बन बन जाने की वजह से स्पार्क प्लग, वाल्व और अन्य पार्ट्स पर बुरा असर पड़ता है, जिसकी वजह से कार के इंजन से आवाज आने लगती है।
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इंजन नॉकिंग को कैसे करें दूर?
सही फ्यूल का करें इस्तेमाल
हमेशा कार निर्माता के जरिए बताई गई ऑक्टेन रेटिंग वाले फ्यूल का इस्तेमाल करें। कुछ परफॉरमेंस कारों को इंजन के नोकिंग को रोकने के लिए हाई ऑक्टेन फ्यूल की जरूरत होती है।
नियमित इंजन करें चेक
स्पार्क प्लग और इग्निशन पार्ट्स को नियमित रूप से चेक करते रहें। दरअसल इग्निशन कॉइल, तार और अन्य घटक स्पार्क टाइमिंग इंजन नोकिंग पर असर डाल सकते हैं।
इंजन सेंसर चेक करें
यह चेक करें कि नॉक सेंसर सही से काम रहा है। यह सेंसर इंजन नोकिंग का पता लगाता है और इंजन इंजन कंट्रोल मॉड्यूल को कंट्रोल करने के लिए टाइमिंग बदलने की परमिशन देता है। ये सेंसर सुनिश्चित करते हैं कि इंजन सही एयर-फ्यूल मिक्सर पर चल रहा है और इंजन नॉकिंग से बचने में मदद करता है।
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इंजन कूलिंग सिस्टम बनाए रखें
इंजन कूलिंग सिस्टम को सही रखें। यह इंजन को गर्म होने से रोकता है। इंजन को ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए कूलेंट को बदलें और इसे ऑप्टिमम टेंपरेचर पर बनाए रखें।