यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वैश्विक सड़क सुरक्षा निकाय IRF ने कहा- यात्री बसों, भारी वाहनों में सीट बेल्ट अनिवार्य, यहां जानें डिटेल
अतरराष्ट्रीय सड़क महासंघ (आईआरएफ) ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) से यात्री सहित सभी भारी वाहनों बसें और स्कूल बसें में सीट बेल्ट का उपयोग ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय सड़क महासंघ (आईआरएफ) ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) से सड़क दुर्घटनाओं में हताहतों और चोटों को कम करने के लिए यात्री सहित सभी भारी वाहनों बसें और स्कूल बसें में सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य करने का आग्रह किया है। आपक बता दें कि यह एक वैश्विक सड़क सुरक्षा निकाय है।
आईआरएफ के मानद अध्यक्ष केके कपिला ने MoRTH को लिखे एक पत्र में कहा कि बसों में सीट बेल्ट उपलब्ध कराने की तत्काल आवश्यकता है, जिसे अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल दहला देने वाली यात्री बस दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें निर्दोष लोगों की जान चली गई। उनमें से कई लोगों को बचाया जा सकता था, अगर उन्होंने सीट बेल्ट लगाई होगी।
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भारी वाहनों में जरूरी है सीट बेल्ट
कपिला ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन के 2021 के आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में बस दुर्घटनाओं में केवल 14 व्यक्तियों की जान गई। इसी तरह, 2022 में चीनी बस चालकों की दुर्घटना प्रवृत्ति के विश्लेषण के आधार पर, चीन ने 215 मौतों की सूचना दी।
उन्होंने यह भी बताया कि विकासशील और विकसित दोनों देशों ने बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन के लिए कड़े सुरक्षा मानकों के कारण उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए हैं।
कपिला ने कहा कि भारत में विरोधाभासी और चिंताजनक डेटा बसों में सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करने में कमी का सुझाव देता है, जिससे स्कूली बच्चों, गरीबों और समाज के निम्न आय वर्ग के लोगों का जीवन खतरे में पड़ रहा है।