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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ट्रैफिक का दबाव और ड्राइवरों का तनाव कम करेगी नई तकनीक, आईआईटी जोधपुर ने निकाला समाधान

    Updated: Thu, 25 Jan 2024 08:00 PM (IST)

    ट्रैफिक में सुधार और सड़क सुरक्षा के दोहरे लाभ वाली यह तकनीक इंटरनेट आफ वेहिकल यानी आइओवी नेटवर्क के आधार पर काम करती है। इस शोध में किसी वाहन चालक के ...और पढ़ें

    आईआईटी जोधपुर ने एक बेहतर समाधान निकाला है।
    आईआईटी जोधपुर ने एक बेहतर समाधान निकाला है।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ड्राइवरों के तनाव और एकाग्रता में कमी के कारण सड़क सुरक्षा के जोखिमों को कम करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों के बीच आइआइटी जोधपुर ने एक नई तकनीक विकसित की है, जो ट्रैफिक जाम को भी कम कर सकती है। ट्रैफिक में सुधार और सड़क सुरक्षा के दोहरे लाभ वाली यह तकनीक इंटरनेट आफ वेहिकल यानी आइओवी नेटवर्क के आधार पर काम करती है।

    ऐसे होगी मॉनिटरिंग 

    इस शोध में किसी वाहन चालक के वाहन चलाने के तरीके का विश्लेषण कर इस बात का पता लगाया जा सकता है कि कहीं वह चालक तनाव में गाड़ी तो नहीं चला रहा है और अगर ऐसा है तो रिसर्च की मदद से यह भी पता लगाया जा सकता है कि ऐसी स्थिति में उस चालक के लिए वाहन चलाना सुरक्षित है भी या नहीं।

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    ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की मिलेगी जानकारी 

    नावेल मैक बेस्ड आथेंटिकेशन स्कीम (नो-मैस) एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से वाहनों को और ज्यादा सुरक्षित भी बनाया जा सकता है और एक आम वाहन को स्मार्ट वेहिकल में परिवर्तित किया जा सकता है।

    इसके जरिये वाहनों के बीच रियल टाइम कम्युनिकेशन का मदद से सड़कों की स्थिति, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं के बारे में जानकारी साझा की जा सकती है। दूसरे शब्दों में यह तकनीक सड़कों की खराब स्थिति की जानकारी दूसरे वाहनों को दे सकती है।

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    इससे आपातकालीन अलर्ट जारी किया जा सकता है ताकि आसपास के वाहन सचेत हो जाएं। इसके लिए एक आनबोर्ड यूनिट की जरूरत होती है। इस यूनिट की मदद से किसी भी वाहन में आइओवी नेटवर्क के साथ संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

    इसी तरह की तकनीक गाड़ी चलाते हुए ड्राइवरों के व्यवहार पर भी निगाह रख सकती है यानी उनके ड्राइविंग पैटर्न को समझा जा सकता है। इस पैटर्न के अध्ययन से यह पता लगाया जा सकता है कि उसे किसी तरह के तनाव का सामना तो नहीं करना पड़ रहा।

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