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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Nitin Gadkari ने शेयर किया Dwarka Expressway का नया वीडियो, 3-4 महीनों में पब्लिक के लिए हो जाएगा शुरू

By Rammohan MishraEdited By: Rammohan Mishra
Updated: Mon, 21 Aug 2023 02:59 PM (IST)

Dwarka Expressway कुल 16 लेन का होगा। इसमें आसान पहुंच और निकास के लिए दोनों तरफ तीन-लेन सर्विस रोड का भी प्रावधान होगा। 29 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे ...और पढ़ें

Dwarka Expressway को 9,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है।
Dwarka Expressway को 9,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है।

HighLights

  1. Dwarka Expressway का उद्देश्य दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर यातायात को कम करना है।
  2. इस एक्सप्रेसवे में लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट का उपयोग किया जाएगा।
  3. इसका लगभग 19 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 10 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में है।

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने X(पहले ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें आगामी Dwarka Expressway का विहंगम दृश्य दिखाया गया है। वीडियो में मंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे तीन से चार महीने में सार्वजनिक उपयोग के लिए खुल जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी को हरियाणा के गुरुग्राम से जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे देश का पहला एलिवेटेड एक्सप्रेसवे होगा। आइए, इसके बारे में जान लेते हैं।

Dwarka Expressway का उद्देश्य

Dwarka Expressway का उद्देश्य दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर यातायात को कम करना है, जो स्वर्णिम चतुर्भुज के दिल्ली-जयपुर-अहमदाबाद-मुंबई खंड का एक हिस्सा है। 9,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस एक्सप्रेसवे में लगभग 2 लाख मीट्रिक टन स्टील का उपयोग होने की उम्मीद है, जो कि प्रतिष्ठित एफिल टॉवर के निर्माण में इस्तेमाल किए गए स्टील से 30 गुना अधिक है।

द्वारका एक्सप्रेसवे कुल 16 लेन का होगा। इसमें आसान पहुंच और निकास के लिए दोनों तरफ तीन-लेन सर्विस रोड का भी प्रावधान होगा। इस उद्देश्य के लिए इसमें चार इंटरचेंज होंगे, जिनमें सुरंग या अंडरपास और एलिवेटेड फ्लाईओवर शामिल हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे में सबसे लंबी और चौड़ी शहरी सड़क सुरंग भी होगी, जिसकी लंबाई 3.6 किमी और चौड़ाई 8 लेन होगी।

बुर्ज खलीफा से 6 गुना कंक्रीट का होगा उपयोग

इस एक्सप्रेसवे में लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट का उपयोग किया जाएगा, जो कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को बनाने में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट से 6 गुना अधिक है। द्वारका एक्सप्रेसवे में उच्च तकनीक वाली यातायात प्रबंधन प्रणालियां भी होंगी जिनमें उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली, टोल प्रबंधन प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे आदि शामिल हैं।

29 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे NH-8 या दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर शिव-मूर्ति से शुरू होता है और द्वारका सेक्टर 21 से होते हुए गुरुग्राम सीमा और बसई में खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास समाप्त होता है। एक्सप्रेसवे का लगभग 19 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में पड़ता है जबकि बाकी 10 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में है।

गडकरी ने पहले कहा था कि एक्सप्रेसवे द्वारका से यात्रियों को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर लगभग 50 प्रतिशत यातायात कम करने में भी मदद मिलेगी।