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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इलेक्ट्रिक हाइवे और इलेक्ट्रिक कॉरिडोर में ये खास अंतर, जानें आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा

    By Atul YadavEdited By:
    Updated: Wed, 07 Sep 2022 05:06 PM (IST)

    इस समय ईवी यूजर्स लॉन्ग ट्रिप के लिए व्हीकल ले जाने से पहले 10 बार सोचते हैं। इलेक्ट्रिक हाइवे बन जाने के बाद उन यूजर्स को हर वो सुविधा मिलेगी जिसकी उ ...और पढ़ें

    इलेक्ट्रिक हाइवे पर इन लोगों को मिलेगा लाभ
    इलेक्ट्रिक हाइवे पर इन लोगों को मिलेगा लाभ

    नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। भारत में जल्द ही इलेक्ट्रिक हाइवे बनकर तैयार हो जाएगी। इस पर काम तेजी से चल रहा है। हालांकि, कई लोग इलेक्ट्रिक हाइवे को इलेक्ट्रिक कॉरिडोर समझ रहे हैं, इसलिए आज हम आपको इन दोनों के बीच के अंतर को आसान भाषा में समझाने जा रहे हैं।

    इलेक्ट्रिक हाइवे

    इलेक्ट्रिक हाइवे का मतलब है वो हाइवे जिसपर ईवी से जुड़ी हर सुविधा उपलब्ध हो। जिसमें पेट्रोल पंप के तर्ज पर ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लागू होने के बाद बैटरी स्वाइपिंग मशीन आदि सुविधाएं शामिल हैं। इस हाइवे को बेहतरीन ढ़ग से बनाया जा रहा है, ताकि ईवी यूजर्स को यात्रा के दौरान कोई कठिनाई न आए।

    इलेक्ट्रिक कॉरिडॉर

    अभिजीत सिन्हा के अनुसार, जब हाइवे पर लगातार बिजली से कोई भी गाड़ी चलती है तो उसे इलेक्ट्रिक कॉरिडॉर कहते हैं। मतलब ये है कि कन्वेक्शन लाइन या फिर ओवरहेड वायर से चार्ज होकर जो गाड़ी हाइवे पर चलती है उसे इलेक्ट्रिक कॉरिडॉर कहते है। कन्वेक्शन लाइन में गाड़ी को बिजली सड़क के नीचे से बिछायी गई तारों से मिलती है, जबकि पैंटोग्राफ वायर सड़क के ऊपर लगे होते हैं, जिससे वाहन की बैटरी चार्ज होती रहती है। इन तारों में लगातार ऊर्जा सप्लाई किया जाता है, जिससे बैटरी चार्ज होती है।

    इन लोगों को मिलेगा लाभ

    इलेक्ट्रिक हाइवे बन जाने से ईवी यूजर्स की बल्ले-बल्ले हो जाएगी। क्योंकि, इस समय ईवी यूजर्स लॉन्ग ट्रिप के लिए व्हीकल ले जाने से पहले 10 बार सोचते हैं। इलेक्ट्रिक हाइवे बन जाने के बाद उन यूजर्स को हर वो सुविधा मिलेगी, जिसकी उन्हें जरूरत है। इलेक्ट्रिक हाइवे पूरी तरह से ईको फ्रेंडली साबित होगा, क्योंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियां डीजल-पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों की तुलना में पर्यावरण के लिए कम हानिकारक होती हैं।

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