यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Third Party insurance: गाड़ियों में क्यों जरूरी होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस? जानें इसके फायदे
अगर आप कोई भी गाड़ी खरीदते समय थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेने से मना करते हैं या हिचकिचाते हैं तो इसका हर्जाना आपको भविष्य में भरना पड़ सकता है। वाहन में ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 146 के अनुसार, भारतीय सड़कों पर गाड़ी चलाने में सक्षम होने के लिए तृतीय-पक्ष (टीपी) बीमा अनिवार्य है। लेकिन वास्तव में यह क्या है? इससे क्या फायदा होगा, इसके बारे में इस खबर के माध्यम से आपको बताने जा रहे हैं।
किसे कहते हैं थर्ड पार्टी इंश्योरेंस?
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वह होता है, जिसमें आपके द्वारा हुई किसी दुर्घटना का क्लेम आपको नहीं मिलता बल्कि सामने वाले को मिलता है। मान लीजिए आपकी बाइक या कार किसी दूसरी बाइक या कार से टकराती है, तो दुर्घटना में हुए नुकसान की भरपाई आपकी इंश्योरेंस कंपनी सामने वाले को देती हैं।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस न होने पर क्या होगा?
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस न होना एक दंडनीय अपराध है। यदि आप वैध बीमा पॉलिसी के बिना गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार ट्रैफिक पुलिस भारी जुर्माना या 3 महीने तक की कैद की सजा सुना सकती है। अगर आप कोई भी गाड़ी खरीदते समय थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेने से मना करते हैं या हिचकिचाते हैं तो, इसका हर्जाना आपको भविष्य में भरना पड़ सकता है। वाहन में कार खरीदें या बाइक/स्कूटर या कोई कमर्शियल गाड़ी, बिना मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदे बिना चलाना एक दंडनीय अपराध है।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के फायदे
जैसा कि आपको उपर बताया गया है कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य है। अब मन में सवाल उठता है कि इससे हमें क्या फायदा होगा, जिसका जवाब आपको देने वाला हूं। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी के फायदे की बात करें तो, मोटर वाहन एक्ट के मुताबिक अगर किसी वाहन का एक्सिडेंट हो जाता है और उसमें किसी की शारीरिक या संपत्ति का नुकसान होता है तो वाहन मालिक को उसके नुकसान की भरपाई करने होती है, जिसके भुगतान की जिम्मेदारी इंश्योरेंस कंपनी की हो जाती है।
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थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में विभिन्न प्रकार के मुआवजे शामिल हैं जैसे-किसी अन्य की मृत्यु या शारीरिक क्षति पर मुआवजा, किसी अन्य व्यक्ति के वाहन व संपत्ति की क्षति पर मुआवजा, कानूनी और अस्पताल संबंधी खर्चों का भुगतान आदि शामिल है।