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'10 तारीख से पहले होगा आतंकी हमला!' अररिया सिविल कोर्ट को ई-मेल पर मिली दहलाने वाली धमकी, STF ने खंगाला कोना-कोना

Published: Thu, 03 Sep 2026 10:26 PM (IST)

अररिया सिविल कोर्ट को 10 सितंबर से पहले आतंकी हमले से तबाह करने की धमकी भरा ई-मेल मिला है। इसके ...और पढ़ें

Araria Civil Court Bomb Threat: अररिया सिविल कोर्ट को आतंकी हमले से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलने के बाद छावनी में तब्दील हुआ परिसर

Araria Civil Court Bomb Threat: अररिया सिविल कोर्ट को आतंकी हमले से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलने के बाद छावनी में तब्दील हुआ परिसर

संवाद सूत्र, अररिया। सीमांचल के अररिया व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) को आतंकी हमले के जरिए तबाह करने की सनसनीखेज धमकी मिलने के बाद गुरुवार को समूचे प्रशासनिक व न्यायिक महकमे में हड़कंप मच गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आधिकारिक ई-मेल पते पर भेजे गए एक पत्र में 10 सितंबर से पहले न्यायालय परिसर पर बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की बात कही गई है। ई-मेल में कोर्ट को पूरी तरह नष्ट करने की चेतावनी के बाद न्यायालय परिसर में दिनभर भारी अफरातफरी और तनाव का माहौल रहा।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। सूचना मिलते ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) पूर्णिया के डीएसपी मो. अली साबरी, अररिया सदर एसडीपीओ सुशील कुमार, साइबर डीएसपी रघुनाथ सिंह और नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक भारी पुलिस बल के साथ कोर्ट परिसर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक उपकरणों की मदद से मुख्य इजलास, बार एसोसिएशन, रिकॉर्ड रूम, हाजत और परिसर के विभिन्न संदिग्ध कोनों की बारीकी से तलाशी ली गई।

पश्चिम बंगाल से भेजा गया ई-मेल, सीक्रेट इनपुट का दिया हवाला

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह मेल पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले से वरीय अधिवक्ता मृगांका बनर्जी के नाम और डिजिटल हस्ताक्षर युक्त पत्र के रूप में भेजा गया है। मेल में दर्ज तिथि 27 अगस्त है।

ई-मेल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश को संबोधित करते हुए दावा किया गया है कि भेजने वाले की पत्नी के मोबाइल नंबर पर एक 'सीक्रेट इंफॉर्मेशन' (गोपनीय सूचना) आई है, जिसके अनुसार कुछ आतंकवादी संगठन 10 सितंबर से पहले अररिया कोर्ट में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। पत्र भेजने वाले ने खुद को वरिष्ठ अधिवक्ता बताते हुए यह भी उल्लेख किया है कि वह यह मेल अपने एक मुवक्किल के मोबाइल से भेज रहा है।

परिसर का हुआ सिक्योरिटी ऑडिट, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती

सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि बुधवार की शाम पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सिविल कोर्ट की ओर से पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें कोर्ट को नष्ट करने की धमकी का जिक्र था। इसी पत्र के आलोक में गुरुवार को कोर्ट का विस्तृत सिक्योरिटी ऑडिट (सुरक्षा अंकेक्षण) किया गया है।

  • जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम आए ई-मेल में 10 सितंबर से पहले अररिया सिविल कोर्ट को नष्ट करने की दी गई चेतावनी

  • धमकी भरे पत्र के बाद परिसर में मचा हड़कंप; पूर्णिया एसटीएफ, साइबर डीएसपी, सदर एसडीपीओ और भारी पुलिस बल ने की सघन जांच

  • डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर से इजलास व कोर्ट के चप्पे-चप्पे की ली गई तलाशी, सुरक्षा ऑडिट के बाद तैनात हुआ अतिरिक्त बल

  • पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान से अधिवक्ता के नाम पर भेजा गया मेल, पुलिस कर रही आईपी एड्रेस व डिजिटल ट्रेल की तकनीकी जांच

एहतियात के तौर पर कोर्ट के सभी प्रवेश द्वारों पर जांच बढ़ा दी गई है और पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और उनके सामान की मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की जा रही है।

एसडीपीओ ने बताया कि साइबर सेल की तकनीकी टीम ई-मेल के आईपी एड्रेस, रूट और जिस चैनल से यह संदेश भेजा गया है, उसकी सत्यता की गहन पड़ताल कर रही है। धमकी वास्तविक है या किसी शरारती तत्व द्वारा दहशत फैलाने की साजिश, इसका बहुत जल्द पर्दाफाश कर लिया जाएगा।